
इस कांग्रेसी राज्य ने महात्मा गांधी के मॉडल को अपनाकर कम की बेरोजगारी
ये सैनिक स्कूल पहले से चल रहे सैनिक स्कूलों से अलग होंगे। इनका संचालन एनजीओ, निजी स्कूलों व राज्य सरकारों की साझेदारी से होना है। ये सशस्त्र बलों के लिए पात्र युवाओं को तैयार करने में मदद करेंगे। ये सैनिक स्कूल संबंधित शिक्षा बोर्डों से सम्बद्धता के साथ ही सैनिक स्कूल सोसायटी की निगरानी में कार्य करेंगे। अपने नियमित सम्बद्ध बोर्ड पाठ्यक्रम के अलावा वे सैनिक स्कूल अपने पैटर्न में छात्रों को अकादमिक प्लस पाठ्यक्रम की शिक्षा भी प्रदान करेंगे।
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रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को जिन विद्यालयों को मंजूरी दी है, उनमें गैर सरकारी संगठनों, ट्रस्ट से जुड़े 12 स्कूल, 6 निजी स्कूल और 3 राज्य सरकार के स्वामित्व वाले स्कूल हैं। इनमें 7 नए सैनिक स्कूल डे स्कूल हैं और 14 नए अनुमोदित स्कूलों में आवासीय व्यवस्था है। रायपुर में एनएच गोयल वर्ल्ड स्कूल, मंदसौर में सरस्वती विद्यामंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय और गंगानगर में भारती चैरिटेबल ट्रस्ट (ब्लूमिंग डेल्स इंटरनेशनल स्कूल) की साझेदारी में नए तरह का सैनिक स्कूल खोला जाएगा।
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