
15 तरह के टेस्ट से खुलेगी गुणवत्ता की पोल (फोटो सोर्स- पत्रिका)
रायपुर@अजय रघुवंशी। Bharatmala Road Crack: रायपुर-विशाखापट्ट्नम भारतमाला परियोजना की सड़क पर उद्घाटन से पहले दरार आने के मामले में अब जांच तेज हो गई है। रायपुर स्थित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों के साथ नई दिल्ली मुख्यालय की टीम भी मौके पर पहुंची और सड़क की अलग-अलग परतों से नमूने लिए। जानकारी के मुताबिक, कुल 15 तरह के परीक्षणों के लिए सैंपल जुटाए गए हैं। मामले की स्वतंत्र जांच के लिए दिल्ली स्थित एनएबीएल लैब से भी सैंपलिंग कराई गई है।
करोड़ों रुपए की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में सड़क पर दरार ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में सड़क की ऊपरी सतह से लेकर नीचे की परतों तक निर्माण की गुणवत्ता परखी जाएगी। परीक्षणों से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि दरार के पीछे निर्माण सामग्री, परतों की मोटाई, कम्पैक्शन, सड़क की संरचनात्मक मजबूती या पानी की निकासी से जुड़ी कोई खामी तो नहीं है। उल्लेखनीय है कि रायपुर-विशाखापट्ट्नम भारतमाला सड़क में जिस हिस्से में दरार आई थी, इसमें एनएचएआई ने निर्माण एजेंसी को भी नोटिस जारी किया है।
रायपुर-विशाखापट्ट्नम हाईवे के निर्माण ने स्थानीय किसानों और विद्यार्थियों के सामने भी मुश्किल खड़ी कर दी है। मालवीपारा पंचायत के किसानों का कहना है कि खेतों तक पहुंचने का रास्ता नहीं मिल रहा है। किसान उत्तम साहू, देवेंद्र नेताम और लोखनाथ मंडावी ने बताया कि हाईवे के कारण खेत जाने का रास्ता बाधित हो गया है।
गांव के पूर्व उपसरपंच हनुमान पांडेय ने बताया कि दूसरी ओर हाईस्कूल है। स्कूल के लिए नई जमीन तलाश की गई है। ग्रामीणों ने नए शैक्षणिक सत्र से पहले स्कूल की व्यवस्था करने की मांग रखी थी।
कांकेर जिले में सरगी और बासनवाही के बीच मौलीपारा के पास सड़क पर आई दरार ने एनएचएआई की गुणवत्ता निगरानी पर सवाल खड़े किए थे। पत्रिका में लगातार खबरें प्रकाशित होने और सोशल मीडिया पर मामला उठने के बाद अब एनएचएआई ने दरार वाले हिस्से से नमूने लेकर जांच शुरू की है। मुख्यालय की टीम और थर्ड पार्टी की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि सड़क में दरार की वजह क्या रही और इसके लिए किसकी जिम्मेदारी बनती है।
रायपुर-विशाखापट्ट्नम छह लेन हाईवे की छत्तीसगढ़ में लंबाई करीब 125 किलोमीटर बताई जा रही है। इसकी लागत लगभग 4,146 करोड़ रुपए है।
शमशेर सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, धमतरी पीआईयू, एनएचएआई छत्तीसगढ़ के मुताबिक, " रायपुर-विशाखापट्ट्नम भारतमाला सड़क में बासनवाही-मालवीपारा के आस-पास जहां दरारें आई थीं, वहां से सैंपल लिए गए हैं। विभागीय जांच जारी है। थर्ड पार्टी से भी जांच कराई जा रही है।" फिलहाल सड़क सुधार दी गई है।
Updated on:
21 Oct 2026 10:04 am
Published on:
21 Oct 2026 10:04 am
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