रायपुर

दंतेवाड़ा में MBBS की एक भी सीट नहीं, फिर भी फुल कैसे, वेबसाइट खंगाले तो सामने आए चौंकाने वाले सच

Chhattisgarh MBBS Seat: दंतेवाड़ा में नो फैकल्टी अवेलेबल दिख रहा है। कवर्धा में भी केवल एनाटॉमी में प्रोफेसर है और बायो केमेस्ट्री व फिजियोलॉजी में कोई फैकल्टी नहीं है…
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Sep 09, 2026
MBBS Admission 2026
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फोटो- AI)

MBBS Admission: पीलूराम साहू की रिपोर्ट. इस साल शुरू होने वाले दंतेवाड़ा मेडिकल कॉलेज में फर्स्ट ईयर के लिए एक भी फैकल्टी नहीं है। ये हम नहीं कह रहे, बल्कि मेडिकल कॉलेज की अधिकृत वेबसाइट कह रही है। बाकी 4 नए कॉलेजों की वेबसाइट में फैकल्टी की स्थिति दिखाई दे रही है, लेकिन दंतेवाड़ा में नो फैकल्टी अवेलेबल दिख रहा है। ( Chhattisgarh News ) कवर्धा में भी केवल एनाटॉमी में प्रोफेसर है और बायो केमेस्ट्री व फिजियोलॉजी में कोई फैकल्टी नहीं है। गौर करने वाली बात ये है कि पहले ही राउंड में दंतेवाड़ा व कवर्धा की एमबीबीएस सीटें पैक हो गई हैं। बड़ा सवाल ये है कि 15 सितंबर से शुरू होने वाली क्लास आखिर बिना फैकल्टी की शुरू कैसे होगी?

Chhattisgarh MBBS Seat: यहां एक-एक सीट बाकी

नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दंतेवाड़ा, कवर्धा में सीटें फुल तथा जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़ व कुनकुरी जशपुर में एक-एक सीट बाकी है। ये सीटें भी दूसरे राउंड में पैक हो जाएंगी। पत्रिका ने जब पांचों नए कॉलेजों की अधिकृत वेबसाइट को खंगाला तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कवर्धा में बायो केमेस्ट्री व फिजियोलॉजी में कोई फैकल्टी नहीं है। यहां दो जूनियर रेसीडेंट डॉक्टर जरूर हैं, जिनके पास एमबीबीएस की डिग्री है।

एनाटॉमी डायरेक्टर प्रोफेसर, डीन भी

वे क्लास नहीं ले सकते। एमबीबीएस के बाद एमडी या एमएससी मेडिकल डिग्रीधारी ही असिस्टेंट प्रोफेसर की श्रेणी में आते हैं और वे क्लास ले सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री के मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज में एनाटॉमी का एक डायरेक्टर प्रोफेसर है, जो स्वयं डीन हैं। वे भी क्लास नहीं ले सकते। उनकी गिनती फैकल्टी में नहीं होती। बायो केमेस्ट्री में एक प्रोफेसर व दो ट्यूटर व फिजियोलॉजी दो ही ट्यूटर ही हैं। जांजगीर-चांपा में ही तीनों सब्जेक्ट के लिए फैकल्टी है। जबकि कुनकुरी जशपुर में केवल एनाटॉमी में असिस्टेंट प्रोफेसर है।

नेहरू मेडिकल कॉलेज में 19 सीटें खालीं

नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर में एमबीबीएस की 19 सीटें खाली हैं। इसी तरह सिम्स बिलासपुर में 9, राजनांदगांव में 4, जगदलपुर में 7, कांकेर में 6, रायगढ़ में 4, महासमुंद में 3, दुर्ग में 11, अंबिकापुर में 7 व कोरबा में 5 सीटें खाली हैं। दूसरे राउंड में स्टेट कोटे की सभी सीटें भरने की संभावना है। सेंट्रल पूल की सीटों पर भी एडमिशन शुरू हो गया है। छात्रों के नाम दिल्ली से आते हैं।

10 तक सीट त्याग सकते हैं स्टूडेंट्स

पहले राउंड में जिन छात्रों ने स्टेट कोटे के तहत एडमिशन लिया है, वे 10 सितंबर तक सीट त्याग सकते हैं। डीएमई कार्यालय ने इसके लिए पोर्टल खोल दिया है। यही नहीं छात्रों को प्रवेशित मेडिकल कॉलेजों में स्वयं उपस्थित होकर सीट छोड़नी होगी।

5 नए कॉलेजों में फैकल्टी

की स्थिति इस तरह
कॉलेज एनाटाॅमी बायो केमेस्ट्री फिजियोलॉजी

दंतेवाड़ा 00 00 00
कवर्धा 1 प्रोफेसर 2 जेआर 2 जेआर

मनेंद्रगढ़ एक डीन 1 प्रोफेसर व 2 ट्यूटर 2 ट्यूटर
कुनकुरी 1 असि. प्रोफे 3 ट्यूटर 1 ट्यूटर

जांजगीर 1 असि. प्रोफे. 1 प्रोफेसर 1 प्रोफेसर
(ये मेडिकल कॉलेजों की अधिकृत वेबसाइट के डेटा हैं।)

डीएमई, डॉ. यूएस पैकरा ने कहा कि दंतेवाड़ा कॉलेज में जरूरी फैकल्टी की व्यवस्था की जा रही है। जहां भी फैकल्टी नहीं है, वहां क्लास शुरू होने के पहले टीचर नियुक्त कर दिए जाएंगे।

Updated on:
09 Sept 2026 11:15 am
Published on:
09 Sept 2026 11:15 am