Online Thagi: साइबर ठगों का फोकस शेयर ट्रेडिंग पर है। इसकी बड़ी वजह इसमें एक बार में अधिक रकम आना है। इसमें कम से कम की ठगी भी 5 से 10 लाख रुपए की है।
Online Thagi: वर्तमान में शेयर ट्रेडिंग कमाने और ठगाने का बड़ा जरिया बन गया है। रायपुर जिले में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर हर साल 20 करोड़ से अधिक चपत लग रही है। इसके बाद भी लोग सबक नहीं ले रहे हैं। इसकी बड़ी वजह गली-मोहल्लों से लेकर सोशल मीडिया तक फैले फर्जी शेयर ट्रेडिंग एक्सपर्ट हैं।
इन लोगों पर ज्यादा भरोसा करते हैं। जल्दी अमीर बनने का लालच भी होता है। इस कारण आसानी से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ऑनलाइन ठगी के शिकार हो रहे हैं। (Online Thagi) सबसे से ज्यादा टेलीग्राम और वाट्सऐप में भेजे गए मैसेजों पर भरोसा करते हैं। हर साल 100 से ज्यादा मामले शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी के आ रहे हैं।
साल भर में जितनी राशि की साइबर ठगी होती है, उसमें से 70 फीसदी राशि शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड का होता है। पिछले पांच साल में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। रेंज साइबर थाना, ऑनलाइन पोर्टल के अलावा अलग-अलग थानों में साल भर में 100 से अधिक मामले इसी के दर्ज हो रहे हैं। ठगी की राशि 20 करोड़ से अधिक पहुंच रही है।
साइबर ठगों का फोकस शेयर ट्रेडिंग पर है। इसकी बड़ी वजह इसमें एक बार में अधिक रकम आना है। इसमें कम से कम की ठगी भी 5 से 10 लाख रुपए की है। इसमें अधिकांश कारोबारी या आर्थिक रूप मजबूत लोग ही फंस रहे हैं। कई लोग लोन और कर्ज लेकर भी शेयर ट्रेडिंग में पैसे लगा रहे हैं।
Online Thagi: वर्ष 2024 में साइबर ठगी के 14 हजार से अधिक मामले दर्ज हुए थे। इनमें ऑनलाइन और थानों में दर्ज मामले भी शामिल हैं। साइबर ठगी के करीब 8 करोड़ राशि को पुलिस ने फ्रीज कराया था। (Online Thagi) इसी तरह 2025 में ही अब तक साइबर ठगी के 3 हजार से अधिक ठगी के मामले सामने आ चुके हैं।