
रायपुर. केंद्रीय कृषि कानून और किसान आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chhattisgarh CM Bhupesh Baghel) ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, केंद्र ने एक ऐसा कानून बनाया है, जिसकी मांग न तो राजनीतिक दल ने की थी और न ही किसान संगठनों ने। ऐसे कानून को पीछे दरवाजे से लाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा, कृषि राज्य का विषय है, लेकिन विपणन शब्द जोड़कर केंद्र सरकार ने तीन कानून पास किए हैं। इसका सभी जगह विरोध हो रहा है। अभी तो पंजाब, हरियाणा, यूपी, महाराष्ट्र के किसान आए हैं। धीरे-धीरे यह आंदोलन राष्ट्रव्यापी होगा। यह कानून किसानों के लिए नहीं बल्कि पूंजीपतियों के लिए। यही वजह है कि किसान इसका विरोध कर रहे हैं।
आंदोलन न हो इसलिए मंड़ी संशोधन विधेयक
कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा, जिस प्रकार से दिल्ली, हरियाणा व बाहर आंदोलन हो रहे हैं, छत्तीसगढ़ में ऐसी स्थिति निर्मित ना हो इसलिए मंडी संशोधन विधेयक 2020 लेकर आए हैं। हम उम्मीद करते हैं कि राज्यपाल जल्द ही इस पर हस्ताक्षर कर देंगी। क्योंकि कृषि राज्य का विषय है। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार के इतने अवरोधों के बावजूद भी छत्तीसगढ़ की धान खरीदी को प्रभावित नहीं कर पाए। आज किसान धान खरीदी का महापर्व मना रहे हैं।
साय बोले- सिर्फ भ्रम फैला रही प्रदेश सरकार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को किसान विरोधी बताते हुए कहा, प्रदेशभर में गिरदावरी में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और रकबा काम करने के षड्यंत्र के विरोध में प्रदेश के किसान लगातार आंदोलन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। क्या उन किसानों की सुध लेना और संवाद करना मुख्यमंत्री की जिम्मदरी नहीं हैं? उन्होंने कहा कि कोरोना संकट का बहाना बना कर आर्थिक तंगी का रोना रोने वाली प्रदेश सरकार कोरोना के विरुद्ध लड़ाई की बेहतर व्यवस्था प्रदेशवासियों को दे पाने से लेकर किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं सहित हर मोर्चे पर विफल हैं।