रायपुर

सामान की कमी से 9 महीने से बंद थे ऑपरेशन, अब बायपास और ओपन हार्ट सर्जरी दोबारा शुरू, 500 से ज्यादा मरीजों को राहत

ACI Raipur Cardiac Surgery: रायपुर के आंबेडकर अस्पताल स्थित एसीआई में 9 महीने बाद हार्ट सर्जरी सेवाएं फिर शुरू हो गई हैं, जिससे 500 से अधिक वेटिंग मरीजों को बड़ी राहत मिली है।

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Apr 24, 2026
सामान की कमी से 9 महीने से बंद थे ऑपरेशन, अब बायपास और ओपन हार्ट सर्जरी दोबारा शुरू, 500 से ज्यादा मरीजों को राहत(photo-patrika)

ACI Raipur Cardiac Surgery: छत्तीसगढ़ के रायपुर में आंबेडकर अस्पताल स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (ACI) में आखिरकार हार्ट सर्जरी सेवाएं फिर से शुरू हो गई हैं। पिछले साल जुलाई से जरूरी उपकरण और इम्प्लांट की कमी के कारण बायपास, वॉल्व रिप्लेसमेंट और वेस्कुलर सर्जरी पूरी तरह ठप थीं। अब सेवाएं शुरू होने से 500 से अधिक मरीजों को बड़ी राहत मिली है, जो लंबे समय से ऑपरेशन का इंतजार कर रहे थे।

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ACI Raipur Cardiac Surgery: सामान की कमी से रुकी थी सर्जरी

जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन में उपयोग होने वाले जरूरी इम्प्लांट और उपकरणों की आपूर्ति बाधित होने के कारण सर्जरी बंद करनी पड़ी थी। पुराने रेट पर सामान देने से वेंडर ने इनकार कर दिया था, जिसके चलते नई टेंडर प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी। इसी देरी के कारण मरीजों को महीनों तक इंतजार करना पड़ा।

एम्स रेफर, निजी अस्पताल का बढ़ा बोझ

सर्जरी बंद होने के दौरान मरीजों को All India Institute of Medical Sciences Raipur रेफर किया जा रहा था, लेकिन वहां भी लंबी वेटिंग के कारण कई मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा। आयुष्मान भारत योजना के बावजूद मरीजों को अतिरिक्त खर्च अपनी जेब से करना पड़ रहा था।

हर माह 90-100 सर्जरी की क्षमता

एसीआई के कार्डियो थोरेसिक एंड वेस्कुलर सर्जरी विभाग में हर माह करीब 90 से 100 सर्जरी की जाती हैं। यहां आने वाले 95 प्रतिशत से अधिक मरीज Ayushman Bharat Yojana के तहत कैशलेस इलाज कराते हैं। सर्जरी ठप होने से इन मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई।

टेंडर और वर्कऑर्डर में देरी बनी वजह

सूत्रों के मुताबिक, टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी वर्कऑर्डर जारी करने में देरी हुई, जिससे सर्जरी शुरू होने में और समय लग गया। कार्डियक सर्जरी विभाग ने 17 जुलाई 2025 को ही प्रबंधन को सामग्री खत्म होने की सूचना दे दी थी, बावजूद इसके समय पर निर्णय नहीं लिया गया।

डॉक्टर रहे निष्क्रिय, केवल ओपीडी तक सीमित

सर्जरी बंद रहने के दौरान विशेषज्ञ डॉक्टर केवल ओपीडी में मरीजों को देख रहे थे। कार्डियक एनेस्थेटिस्ट और परफ्यूजिनिस्ट की उपलब्धता के बावजूद संसाधनों की कमी के कारण उनका पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा था।

अब तेजी से होंगे ऑपरेशन

नई टेंडर प्रक्रिया के बाद आवश्यक उपकरणों की आपूर्ति शुरू हो गई है, जिससे अब बायपास और अन्य हार्ट सर्जरी नियमित रूप से की जा रही हैं। प्रबंधन का दावा है कि जल्द ही लंबित मरीजों के ऑपरेशन पूरे कर लिए जाएंगे।

Updated on:
24 Apr 2026 11:52 am
Published on:
24 Apr 2026 11:51 am
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