रायपुर

Pandit Pradeep Mishra: एक लोटा जल चढ़ाना अंधविश्वास, भूपेश के इस बयान पर भड़के पंडित प्रदीप मिश्रा, कह डाली ये बात

Pandit Pradeep Mishra: एक लोटा जल चढ़ाने को लेकर प्रदेश में बड़ी बहस शुरू हो गई है। पूर्व सीएम बघेल ने इसे अंधविश्वास बताया है। जिस पर अब पंडित ​प्रदीप मिश्रा का बयान सामने आया है..
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Sep 23, 2024
Pandit Pradeep Mishra in cg, Pandit Pradeep Mishra in dhamtari

Pandit Pradeep Mishra shiv Mahapuran Katha in CG: अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा छत्तीसगढ़ प्रवास पर है। वे यहां धमतरी में शिव महापुराण की कथा कर रहे हैं। काटाकुर्रीडीह कुकरेल में आयोजित कथा में हर दिन हजारों की संख्या में भक्त शिवमहापुराण की कथा सुनने पहुंच रहे हैं। इस बीच भूपेश बघेल के एक लोटा जल चढ़ाने के अंधविश्वास वाले बयान से खलबली मच गई। वहीं पंडित प्रदीप मिश्रा ने इस बयान पर पलटवार किया है।

Pandit Pradeep Mishra: पं.प्रदीप मिश्रा ने दिया जवाब

Pandit Pradeep Mishra: कथावाचक पं.प्रदीप मिश्रा ने भूपेश के बयान पर ​तीखा जवाब दिया है। कहा कि पहले एक लोटा जल चढ़ा कर तो देखें, तब पता चलेगा की विश्वास है या अंध विश्वास है। जिनको सनातन धर्म नहीं सुहाता वो अलग विषय है। सनातन धर्म के अंदर शिव पूजन शिव आराधना होता है, मैं किसी पार्टी का विरोध नहीं करता, ये सनातन धर्म की जागरूकता है। दूसरी ओर भूपेश बघेल के अंधविश्वास वाले बयान पर राजनीति​क बहस भी छिड़ गई है। बीजेपी के कई बड़े नेताओं ने भूपेश की आलोचना की है।

भूपेश बघेल ने कही थी ये बात

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीते दिनों सनातन धर्म को लेकर एक ऐसा बयान दिया था, जिस पर बीजेपी हमलावर हुई। कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने सनातन धर्म को लेकर कहा कि एक लोटा जल चढ़ा दो और जीवन में कुछ काम मत करो, बच्चों को मत पढ़ाओ, खेत में काम मत करो, बस एक लोटा जल चढ़ा दो, तो सब कुछ ठीक हो जाएगा। इस तरह की धारणा लोगों में बनी हुई है।”

इसे हम आस्था नहीं कह सकते हैं: भूपेश बघेल

उन्होंने आगे कहा कि ”इसे हम आस्था नहीं कह सकते हैं। यह आस्था नहीं, बल्कि बीजेपी द्वारा फैलाया गया अंधविश्वास है। भूपेश बघेल ने यह बयान बालोद जिले के गुरुर ब्लॉक के ग्राम जेवरतला में एक कार्यक्रम को संबोधित करने के दौरान दिया। भूपेश बघेल ने कहा कि बच्चे पढ़ेंगे नहीं तो कैसे कुछ बनेंगे। भगवान कृष्ण ने गाय चराए, भगवान राम जंगल-जंगल भटके हैं।”

Updated on:
23 Sept 2024 02:43 pm
Published on:
23 Sept 2024 02:43 pm