रायपुर

अब इलाज के नाम पर दबाव नहीं… मरीज जहां चाहें वहां से खरीद सकेंगे दवाएं, जानें क्यों जरूरी था यह फैसला?

Private Hospital Pharmacy Rule: निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिली है। अब मरीजों को अस्पताल की ही फार्मेसी से दवा खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकेगा।

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Feb 04, 2026
अब इलाज के नाम पर दबाव नहीं... मरीज जहां चाहें वहां से खरीद सकेंगे दवाएं, जानें क्यों जरूरी था यह फैसला?(photo-AI)

Private Hospital Pharmacy Rule: छत्तीसगढ़ में निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिली है। अब मरीजों को अस्पताल की ही फार्मेसी से दवा खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकेगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने प्रदेश के सभी निजी अस्पतालों में सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश जारी किए हैं, जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा होगा कि मरीज किसी भी अधिकृत दवा दुकान से दवा खरीद सकता है और अस्पताल की फार्मेसी से दवा लेना अनिवार्य नहीं है।

Private Hospital Pharmacy Rule: शिकायतों के बाद सरकार का हस्तक्षेप

यह मामला रायपुर निवासी वासुदेव जोतवानी द्वारा राज्य सरकार के समक्ष उठाया गया था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए बताया कि कई निजी अस्पताल मरीजों और उनके परिजनों पर दबाव बनाकर दवाएं वहीं से खरीदने को मजबूर करते हैं। बाहर से दवा लाने पर इलाज की जिम्मेदारी न लेने जैसी बातें कही जाती थीं, जिससे विशेषकर गरीब मरीज मानसिक दबाव में आ जाते थे।

100–150 प्रतिशत तक महंगी दवाओं की शिकायत

वासुदेव जोतवानी का कहना है कि निजी अस्पतालों की फार्मेसियों में दवाएं बाजार के मुकाबले 100 से 150 प्रतिशत तक महंगी बेची जाती हैं। इन दुकानों में न तो छूट दी जाती है और न ही सस्ती या जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।

सभी निजी अस्पतालों में लगेंगे सूचना बोर्ड

खाद्य एवं औषधि प्रशासन नियंत्रक कार्यालय ने प्रदेश के सभी औषधि निरीक्षकों और सहायक औषधि नियंत्रकों को निर्देश दिए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि हर निजी अस्पताल में यह सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाया जाए। बोर्ड पर यह स्पष्ट लिखा होगा कि मरीज अपनी सुविधा अनुसार किसी भी अधिकृत मेडिकल स्टोर से दवा खरीद सकता है।

मरीजों को राहत, मनमानी पर लगेगी रोक

गौरतलब है कि अब तक कई निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजनों पर अस्पताल की फार्मेसी से ही दवा खरीदने का दबाव बनाया जाता था, जिससे अस्पतालों को अतिरिक्त लाभ होता था। शासन के इस फैसले से न केवल मरीजों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि निजी अस्पतालों की मनमानी पर भी रोक लगेगी।

Updated on:
04 Feb 2026 12:07 pm
Published on:
04 Feb 2026 12:06 pm
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