
Patrika Mahila Suraksha: अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने विवाह करने का झांसा देकर किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को 20 साल की कैद की सजा सुनाई। न्यायालय ने 9000 रुपए का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की राशि नहीं देने पर 5 माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
कोर्ट ने पीड़िता के पुनर्वास के लिए 8 लाख रुपए मुआवजा राशि देने की अनुशंसा की। इस संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पत्र भेजा गया। विशेष लोक अभियोजक विमला तांडी ने बताया कि गोबरा नवापारा में रहने वाली पीड़िता अपनी मां के साथ ईंट बनाने का काम करने के अलावा स्कूल में पढ़ने भी जाती थी। गांव का ही एक युवक अक्सर उसका पीछा करता था।
2 जून 2017 को उसने विवाह करने का झांसा देकर किशोेरी के साथ दुष्कर्म किया। इससे पीड़िता गर्भवती हो गई। इसकी जानकारी मिलने पर आरोपी युवक ने उसका गर्भपात कराया। फिर विवाह का झांसा देकर आरोपी दुष्कर्म करने लगा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सोम ने पेश सबूत और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी को दंडित किया।
किशोेरी से पीछा छुडा़ने के लिए आरोपी फरार हो गया। काफी तलाश करने के बाद मुलाकात होने पर आरोपी ने विवाह करने से इनकार कर दिया। पीड़िता ने इसकी शिकायत गोबरा-नवापारा थाना में कराई। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया। पूरे मामले की जांच करने के बाद कोर्ट में केस डायरी पेश की।