रायपुर

पत्रिका की मोहल्ला मीटिंग: इंद्रप्रस्थ: फेस-2 के 8 मंजिला मकानों की लिफ्ट खराब, सफाई व्यवस्था चौपट

2500 फ्लैट्स वाले मकानों की रायपुरा फेस-2 कॉलोनी के लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं। उनकी समस्या यह है कि आठ मंजिला फ्लैट्स की लिफ्ट आए दिन खराब रहती है। ऐसे में सीढि़यां चढ़कर सांसें फूलती हैं। कई बार शिकायत के बाद भी समाधान नहीं किया जा रहा है। इस कॉलोनी क्षेत्र में सफाई […]

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Feb 07, 2026
पत्रिका की मोहल्ला मीटिंग: इंद्रप्रस्थ: फेस-2 के 8 मंजिला मकानों की लिफ्ट खराब, सफाई व्यवस्था चौपट

2500 फ्लैट्स वाले मकानों की रायपुरा फेस-2 कॉलोनी के लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं। उनकी समस्या यह है कि आठ मंजिला फ्लैट्स की लिफ्ट आए दिन खराब रहती है। ऐसे में सीढि़यां चढ़कर सांसें फूलती हैं। कई बार शिकायत के बाद भी समाधान नहीं किया जा रहा है। इस कॉलोनी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था भी चौपट है। न तो रोज झाडू लगती है और न ही कचरे का उठाव होता है। जबकि साफ-सुथरा माहौल उपलब्ध कराने का वादा रायपुर विकास प्राधिकरण ने किया था। अब इस कॉलोनी को नगर निगम के हैंडओवर किया जा रहा है, जिससे व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।

अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखा

पत्रिका की मोहल्ला मीटिंग में रायपुरा इंद्रप्रस्थ फेस-2 कॉलोनी के लोग शामिल हुए और अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखा। लोगों का कहना है कि सबसे बड़ी समस्या कॉलोनी विकास समिति द्वारा भी ठीक से काम नहीं किया जा रहा है। इसलिए छोटी-मोटी परेशानी भी दूर नहीं हो रही है। जबकि रायपुर विकास प्राधिकरण ने आवास आवंटित करने के बाद समिति बनाकर संचालन करने की बातें कही थी। उस पर सही तरीके से आज तक अमल नहीं हुआ। खींचतान के चलते समिति का अस्तित्व भी समाप्त हो गया है। रहवासी चाहते हैं कि उनकी खराब लिफ्ट का मरम्मत कर सुधार की जाए और हर दिन साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाए ताकि संक्रमण जैसी बीमारी न फैले।

एलआईजी और ईडब्ल्यूएस में रह रहे लोग

किफायती आवास योजना के तहत रायपुरा इंद्रप्रस्थ-2 में रायपुर विकास प्राधिकरण ने एलआईजी और ईडब्ल्यूएस टाइप के फ्लैट्स का निर्माण कराया था। लोग अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार खरीद लिए, लेकिन अब मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हो रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी लिफ्ट आए दिन खराब ही रहती है। ऐसे में बड़े-बुजुर्गों को सीढि़यां चढ़ने में सबसे अधिक परेशानी है।

गार्डन भी खस्ताहाल

लोगों का कहना है कि इतने बड़े रहवासी क्षेत्रों को दो पल सुकून से बिताने के लिए गार्डन तो बनाया गया , लेकिन वह बदहाल है। हरियाली गायब हो चुकी है। देखरेख भी नहीं की जाता है। ऐसे में सुबह-शाम के समय घूमने और बच्चों को खेलने झूला जैसी सुविधा नहीं मिल पा रही है।

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