रायपुर

रेप करने से मिलता है.. कांग्रेस MLA फूल सिंह बरैया के विवादित बयान से CG में आक्रोश, महिलाओं ने खोला मोर्चा

Phool Singh baraiya: मध्यप्रदेश के कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के विवादित बयान को लेकर चारों तरफ आलोचना हो रही है। छत्तीसगढ़ की भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है..

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Jan 18, 2026
भाजपा महिला मोर्चा ने मध्यप्रदेश के विधायक के खिलाफ पुलिस को सौंपा ज्ञापन ( Photo - Patrika )

Phool Singh baraiya: मध्यप्रदेश के कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के विवादित बयान को लेकर छत्तीसगढ़ की भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। कार्यकर्ताओं ने शहर जिला अध्यक्ष कृतिका जैन की नेतृत्व में एसपी ऑफिस जाकर ज्ञापन सौंपा और एफआईआर दर्ज करने मांग की।

Phool Singh baraiya: नारी-शक्ति का अपमान

भाजपा महिला नेत्रियों ने ज्ञापन में कहा है कि अजा-अजजा एवं पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए अश्लील टिप्पणी कर दतिया के कांग्रेस विधायक बरैया ने समस्त नारी-शक्ति का अपमान किया है। ज्ञापन में बरैया के अजा-अजजा व पिछड़ा वर्ग की महिलाओं व बच्चियों के साथ होने वाले बलात्कार को धर्मग्रंथों से जोड़कर की गई टिप्पणी को अश्लीलता की पराकाष्ठा बताते हुए भाजपा महिला मोर्चा ने कहा है कि इस तरह की टिप्पणी एक सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली है। इस दौरान डॉ. किरण सिंह, प्रियंका गिरी, रजनी शिंदे, माया शर्मा, डॉ. किरण बघेल, शताब्दी पांडे सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थीं।

बरैया का विवादित बयान

दरअसल, बरैया एक इंटरव्यू में कुछ सवालों का जवाब दे रहे थे। इसी दौरान उन्होंने दलित, आदिवासी और ओबीसी समुदाय की महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे बरैया को कहते हुए सुना जा सकता है कि भारत में सबसे ज्यादा रेप शेड्यूल कास्ट, शेड्यूल ट्राइब और मोस्टली ओबीसी में होते हैं। रेप की थ्योरी ये है कि कोई भी व्यक्ति रास्ते से जा रहा हो, उसे खूबसूरत लड़की दिख जाए तो दिमाग विचलित हो जाता है, रेप हो सकता है।

लेकिन आदिवासी में कौन सी सुंदर स्त्री है? एससी में कौन सी? मोस्ट ओबीसी में क्या सुंदर स्त्री हैं? क्यों होता है बलात्कार? उनके धर्मग्रंथों में इस तरीके के निर्देश दिए गए हैं… चांडाल… सहवास करने पर तीर्थ मिलेगा। अब वह तीर्थ नहीं जा पा रहा तो घर बैठे विकल्प दिया गया- उनकी औरतों को पकड़ के सहवास कर लो, फल मिल जाएगा।

उन्होंने दावा किया कि धर्मग्रंथों में लिखा है कि यदि कोई व्यक्ति तीर्थ यात्रा नहीं कर पाता तो दलित-आदिवासी या ओबीसी वर्ग की महिला सहवास करेगा तो उसे वही 'तीर्थ फल' मिलेगा। बरैया ने छोटी बच्चियों के साथ होने वाले अपराधों को भी इसी कथित धार्मिक निर्देश से जोड़ते हुए बेहद आपत्तिजनक बातें कहीं।

Updated on:
18 Jan 2026 02:05 pm
Published on:
18 Jan 2026 02:03 pm
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