
रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री का चेहरा मानने से इनकार किया गया था, लेकिन वे पुराने खिलाड़ी हैं। दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
इसके बावजूद वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की राजनीति की चाल में फंस गए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ा गया और जीत भी हासिल हुई, लेकिन बाद में उन्हें धक्का मारकर बाहर कर दिया गया।
प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी बघेल ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहद खराब हो गई है। होली के दिन भी चाकूबाजी की घटनाओं में लोगों की मौत हो रही है। घर में घुसकर मारपीट की जा रही है। पुलिस की वर्दी तक फाड़ी जा रही है।
उन्होंने कहाकि सरकार ने ड्राई-डे घोषित किया था। इसके बावजूद ऐसी घटनाएं हुईं। अगर शराब की दुकानें खुली रहतीं तो क्या होता। सरकार से स्थिति संभाली नहीं जा रही है। गृहमंत्री पर निशाना साधते हुए बघेल ने कहा कि यदि उन्हें शर्म है तो इस्तीफा दे देना चाहिए। उनसे न तो कवर्धा संभल रहा है और न ही पूरा प्रदेश।
राज्यपाल की बैठकों पर उठाए सवाल
राज्यपालों के फेरबदल को लेकर भी भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल ने सभी जिलों में जाकर बैठकें लीं। लेकिन उसके बाद भी धान खरीदी की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। राज्यपाल की बैठकों का कोई असर जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है।
Updated on:
07 Mar 2026 11:17 am
Published on:
07 Mar 2026 11:16 am
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