
रायपुर। Chhattisgarh News: पंडरी बस स्टैंड को भाठागांव शिफ्ट हुए करीब दो साल हो चुका है, लेकिन पंडरी की खाली जमीन और दुकानों का अब तक कोई उपयोग तय नहीं हो सका है। जबकि इस जगह पर कपड़ा, सराफा सहित आधा दर्जन बड़े व्यापारी संगठनों की नजर है, लेकि जिला व निगम प्रशासन के अधिकारी कुछ तय नहीं कर पा रहे हैं। इसके चलते यहां गंदगी और गड्ढे हो चुके हैं और दुकानें कबाड़ में तब्दील होने लगी है। रात होते ही यह जगह असामाजिक तत्वों का भी अड्डा भी बनते जा रही है।
सफाई ठेका बंद, बना डंपिंग यार्ड
पंडरी बस स्टैंड को भाठागांव शिफ्ट हुए करीब दो वर्ष हो रहे हैं, शिफ्टिंग के बाद यहां पर सफाई ठेका बंद हो गया है। जिसके चलते यहां नाली की गंदगी व बदबू से राहगीर के साथ वहां स्थापित व्यापारी परेशान हैं। वहीं खाली मैदान में नगर निगम द्वारा घोषित डंपिंग यार्ड बना दिया है। रोजाना सुबह वहां पर आसपास के वार्डों से कचरा लाकर डाल देते हैं, जो महीनों तक उठता ही नहीं है। पंडरी बस स्टैंड की सड़क पर जगह-जगह जानलेवा गड्डा भी है।
करीब 17 एकड़ जमीन खाली
जोन-2 अध्यक्ष बंटी होरा ने बताया कि पंडरी बस स्टैंड शिफ्ट होने के बाद वहां करीब 17 एकड़ जमीन मिलेगी। पंडरी की खाली जमीन के अलावा सीएसआईडीसी की जमीन भी निगम के पास है। इसे लेकर जोन 2 के अधिकारियों द्वारा सर्वे भी कर लिया है। इस जमीन लगभग 500 दुकानें बन सकती हैं। पंडरी में नया कॉमर्शियल कांप्लेक्स बनता है, तो वहां 500, 600, 800 और 1000 वर्गफीट की दुकानें बनाई जा सकती हैं। इसके अलावा देवेंद्रनगर आईएएस कॉलोनी का विस्तार कर इसे पंडरी की खाली जमीन से जोड़ा जा सकता है।
असामाजिक तत्वों का बसेरा
वर्तमान में पंडरी बस स्टैंड में करीब 150 दुकानदार व मैट्स कॉलेज के साथ-साथ गर्ल्स हाॅस्टल भी है। शाम होते ही यहां पर असामाजिक तत्वों की आवाजाही शुरु हो जाती है, जिसके चलते हॉस्टल की लड़कियों को रात के समय कैंपस से बाहर आने-जाने में भय रहता है। साथ ही शराब खोरी के साथ-साथ मोटर साइकिल स्टंट भी करते हैं।
दो तीन बाजार एक साथ हो सकते हैं शिफ्ट
चेंबर अध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि पहले व्यापारियों ने कलेक्टर, निगम कमिश्नर और महापौर से मुलाकात कर मुख्यमंत्री तक भी पहुंचाई थी। इस जगह पर दो-तीन बाजार एक साथ शिफ्ट हो सकते हैं। इससे शहर के अलग-अलग बाजारों से यातायात की समस्या कम हो जाएगी।