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छत्तीसगढ़ सरकार का नया नियम, नगर निगम की 24 सेवाएं लोक सेवा गारंटी में शामिल, जानें समयसीमा

Chhattisgarh Government New Rule: सरकार ने शहरी नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की 24 महत्वपूर्ण सेवाओं को छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में शामिल कर दिया है।

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Chhattisgarh Lok Seva Guarantee Act

नगर पालिका निगम रायपुर (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायपुर@संतराम साहू। Chhattisgarh Lok Seva Guarantee Act: प्रदेश के शहरी नागरिकों को अब नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। राज्य सरकार ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की 24 महत्वपूर्ण सेवाओं को छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में शामिल कर दिया है। राजपत्र में जारी अधिसूचना के बाद इन सेवाओं के लिए समयसीमा तय कर दी गई है। निर्धारित अवधि में सेवा उपलब्ध नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और नागरिकों को अपील का अधिकार भी मिलेगा।

इन सेवाओं का 24 घंटे में होगा निराकरण

नगरीय प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, हैंडपंप और ट्यूबवेल सुधार, आवारा पशुओं को हटाने जैसी सेवाएं 24 घंटे के भीतर उपलब्ध करानी होंगी। वहीं, पेयजल की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट, सीवर लाइन में अवरोध दूर करने तथा सेप्टिक टैंक की सफाई जैसी सेवाओं के लिए सात कार्य दिवस की समयसीमा निर्धारित की गई है।

ये कार्य 15 से 30 दिन में पूरा करना होगा

इसके अलावा कॉलोनाइजर लाइसेंस, भवन ध्वस्तीकरण अनुमति, विज्ञापन के लिए साइनेज लाइसेंस, पार्कों का रखरखाव, सड़क कटिंग अनुमति, वधशाला संचालन अनुमति और संपत्ति संबंधी विभिन्न मामलों के निराकरण के लिए 30 कार्य दिवस का समय तय किया गया है। वहीं, कॉलोनी विकास की ले-आउट और आंतरिक विकास संबंधी अनुमतियों के लिए 15 कार्य दिवस की समय सीमा निर्धारित की गई है।

विभाग प्रमुख होंगे जिम्मेदार

अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नगर निगम क्षेत्रों में आयुक्त अथवा उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी सेवा प्रदाय के लिए जिम्मेदार होंगे, जबकि नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सेवा में विलंब या असंतोष की स्थिति में नागरिक अपीलीय व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे। नगर निगम क्षेत्रों में आयुक्त और कलेक्टर तथा नगर पालिका क्षेत्रों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को अपीलीय प्राधिकारी बनाया गया है।

24 घंटे से 30 दिन के भीतर पूरी होंगी सेवाएं

छत्तीसगढ़ सरकार के इस फैसले से शहरी नागरिकों को नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत की सेवाएं तय समयसीमा में मिलने का रास्ता साफ होगा। 24 महत्वपूर्ण सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में लाने से अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी और सेवा में देरी होने पर नागरिकों को अपील का अधिकार भी मिलेगा। इससे नगरीय सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।