Pitru Paksha 2021: पितृपक्ष में ब्राह्मण भोजन पंचबली, तर्पण आदि कई कर्म करते हैं। इसके साथ में पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए दान पुण्य का महत्व भी शास्त्रों में बताया गया है।
रायपुर. Pitru Paksha 2021: पितृपक्ष की शुरुआत 21 सितंबर से हुई है, जो 6 अक्टूबर सर्व पितृ अमावस्या तक चलेगा। पितृपक्ष में हम ब्राह्मण भोजन पंचबली, तर्पण आदि कई कर्म करते हैं। इसके साथ में पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए दान पुण्य (Donation in Pitru Paksha) का महत्व भी शास्त्रों में बताया गया है।
पंडितों के मुताबिक कोई यह जरूरी नहीं कि दान-पुण्य महंगी वस्तुओं की चीजों का ही किया जाए। अपनी हैसियत के अनुसार अपने घर में जो कई चीजें मिल जाती है उनके अनुसार हम अपने पूर्वजों के निमित्त कर सकते हैं। इससे घर में सुख समृद्धि आती है और हमारे पूर्वज प्रसन्न होते हैं।
ज्योतिषशास्त्री पंडित पवन शास्त्री रीवा वाले का कहना है कि पितृपक्ष के दौरान आर्थिक समस्या से छुटकारा पाने के भी कई उपाय किए जा सकते हैं। इसके लिए हमें पितृपक्ष में कुछ खास चीजों का दान करना होता है। जिनके संबंध में माना जाता है कि इनके दान से व्यक्ति के जीवन में आर्थिक संपन्नता आती है।
ये चीजें दान करें
पं. संतोष शर्मा ने बताया कि पितृ पक्ष में पितृ दोषों से मुक्ति सहित आर्थिक संपन्नता के लिए जो चीजें दान करनी चाहिए उनका वर्णन कई धार्मिक पुस्तकों और शास्त्रों में भी मिला है। इनमें से अधिकांश चीजें तकरीबन हर घर में आसानी से मिल जाती हैं।
चांदी, चावल
चांदी का दान पितृपक्ष में बहुत ही शुभ माना गया है। पं. गणेश शर्मा का कहना है कि चूंकि हर कोई चांदी दान देने में सक्षम नहीं हैं तो इस स्थिति में आप दूध और चावल भी दान कर सकते हैं। ये दोनों चीजें चंद्र की कारक मानी गई हैं। वहीं पुराणों में भी पितरों का निवास स्थान चंद्रमा के ऊपरी भाग में ही बताया गया है।
काले तिल
पितृ पक्ष के दौरान काले तिल का दान काफी महत्वपूर्ण माना गया है। ज्योतिषशास्त्री पं. गणेश शर्मा ने बताया कि काले तिल का दान करने से कोई परेशानी आने से पहले ही उसे आपके पितृ रोक लेते हैं। पितरों की कृपा बनी रहती है। इसमें खासकर दुपट्टे व धोती का दान सबसे खास माना जाता है।
नमक
गरुड़ पुराण के अनुसार पितृ पक्ष के दौरान नमक का दान करना खास माना गया है। श्राद्ध दौरान नमक का दान जहां यम का डर दूर करता है। शास्त्रों के अनुसार इस समय गुड़-नमक का दान करना आर्थिक संपन्नता लाता है।
जूते-चप्पल
पंडितों के अनुसार पितरों के निमित्त किसी जरूरतमंद को पितृ पक्ष में जूते चप्पल जरूरी दान करना काफी महत्व है। ऐसा कहा जाता है कि यदि आप आर्थिक संकटों में फंसे हुए हैं तो पितरों की शांति के लिए जूते-चप्पल का दान अवश्य करें। ऐसा करने से आपकी परेशानी हल हो जाएगी।
छाते
छाते का पितृपक्ष में दान पूर्वज को प्रसन्न करने वाला माना गया है। ऐसे में जानकारों का मानना है कि जिसे जीवन में सुख-शांति की आशा हो, पितृपक्ष में उसे छाते का पितरों के नाम से अवश्य दान करना चाहिए।
वस्त्र
गरूड़ पुराण सहित शास्त्रों में भी यह कहा गया है कि पूर्वजों के निमित्त वस्त्रों का दान करने से हमेशा ही पितरों की कृपा बनी रहती है। इसमें खासकर दुपट्टे व धोती का दान सबसे खास माना जाता है।