
रायपुर@हिमांशु शर्मा। Plastic Bottle Crushing Machine: पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक अपशिष्ट के उचित प्रबंधन की दिशा में रेलवे महत्वपूर्ण पहल करने जा रहा है। रायपुर रेलवे स्टेशन पर जल्द ही 6 प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनें लगाई जाएंगी। यात्रियों द्वारा उपयोग के बाद छोड़ी जाने वाली प्लास्टिक बोतलों के पुनर्चक्रण एवं उचित निपटान के लिए यह व्यवस्था की जा रही है। इसकी शुरुआत रायपुर स्टेशन से होगी। इसके बाद मंडल के अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी चरणबद्ध तरीके से मशीनें लगाने की योजना है।
नई मशीनों के माध्यम से यात्रियों द्वारा उपयोग के बाद फेंकी जाने वाली प्लास्टिक बोतलों को मौके पर ही क्रश किया जा सकेगा। इसके बाद क्रश की गई प्लास्टिक सामग्री का पुनर्चक्रण किया जाएगा। इससे स्टेशन परिसर में प्लास्टिक कचरे के उचित प्रबंधन में मदद मिलेगी। साथ ही प्लास्टिक बोतलों को इधर-उधर फेंके जाने की समस्या को भी कम किया जा सकेगा।
रायपुर स्टेशन के बाद दूसरे चरण में मंडल के चार प्रमुख स्टेशनों पर भी प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनें लगाने की योजना है। इनमें दुर्ग, भाटापारा, तिल्दा-नेवरा एवं भिलाई पावर हाउस स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर भी यात्रियों द्वारा उपयोग की जाने वाली प्लास्टिक बोतलों के क्रशिंग एवं उचित निपटान की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
प्लास्टिक बोतलों के संग्रहण, क्रशिंग एवं पुनर्चक्रण की व्यवस्था के माध्यम से प्लास्टिक अपशिष्ट को उपयोगी संसाधन में परिवर्तित किया जाएगा। क्रश की गई प्लास्टिक सामग्री के पुनर्चक्रण से जरूरी सामान बनाए जाएंगे। इससे स्टेशनों की स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ पर्यावरण पर प्लास्टिक कचरे के दुष्प्रभाव को कम करने में भी योगदान मिलेगा।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि मशीन लगने के बाद प्लास्टिक बोतलों एवं अन्य कचरे को रेलवे स्टेशनों पर निर्धारित स्थानों पर ही डालें। यात्रियों से इन मशीनों का अधिक से अधिक उपयोग करने और प्लास्टिक कचरे के उचित प्रबंधन में सहयोग करने की अपील की गई है, ताकि स्वच्छ भारत अभियान में भी योगदान दिया जा सके।