
रायपुर. कांग्रेस शासित राज्य छत्तीसगढ़ के सरकारी कार्यालयों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का फोटो लगाया जाएगा! बिलासपुर कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश के अनुरूप सभी कार्यालयों, नगरीय निकायों, पंचायत कार्यालयों, सर्किट हाउस, रेस्ट हाउस आदि में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी , वर्तमान राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री, छत्तीसगढ़ के वर्तमान राज्यपाल एवं वर्तमान मुख्यमंत्री की तस्वीरें अनिवार्य रूप से लगाए जाने का आदेश नए वर्ष में 1 जनवरी 2020 को जारी किया है।
भाजपा के धार्मिक एजेंडे पर आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार
[typography_font:18pt]अनिवार्य रूप से लगाना है तस्वीरें
सामान्य प्रशासन विभाग ने पिछले साल अगस्त में सभी दफ्तरों को निर्देश जारी कर कहा था कि सरकारी दफ्तरों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी , राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल की तस्वीर को अनिवार्य रूप से लगाया जाए। इसके साथ ही सरदार वल्लभभाई पटेल, मौलाना अब्दुल कलाम आजाद और डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीरें भी लगाई जाएं।
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[typography_font:18pt]श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पं. दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीरें हटेंगी
छत्तीसगढ़ में डेढ़ दशक तक भाजपा की सरकार रही और उसने अनेक स्थानों का नामकरण भाजपा से जुड़े नेताओं के नाम पर कर दिया था। इतना ही नहीं, सरकारी दफ्तरों में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पं. दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीरों ने स्थान ले लिया था। सत्ता बदलाव के साथ भूपेश बघेल सरकार ने इमारतों और योजनाओं के नामों में बदलाव किया और अब सरकारी दफ्तरों में पूर्व प्रधानमंत्री के रूप में जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की तस्वीरें लगाए जाने की तैयारी है।
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[typography_font:18pt]नेहरू, इंदिरा और राजीव गांधी के फोटो लगेंगे
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार ने स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले यह फैसला करके सरकारी दफ्तरों में कांग्रेस से जुड़े महापुरुषों की तस्वीर को जगह देने को कहा था। सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री की तस्वीरों को भी स्थान दिया जाना है। इस तरह अब पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की तस्वीर भी नजर आएगी। ये तस्वीरें बीते डेढ़ दशक बाद सरकारी दफ्तरों में नजर आएंगी।
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