आम दिनों की तुलना में शनिवार को आम यात्री वाहनों की आवाजाही बेहद कम है।
मनीष सिंह@बीजापुर. जहां सर्वाधिक और चर्चित माओवादी हमले हुए, वहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम के लिए चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात है। जगदलपुर-आदिलाबाद हाइवे के गीदम से लेकर बीजापुर तक का हिस्सा संगीनों के साए में है। हर कदम पर सीआरपीएफ, डीएफ और स्थानीय पुलिस के जवान तैनात हैं। सुबह का वक्त है और घाटियों, जंगलों और पहाडिय़ों से गुजरते हाइवे पर आम दिनों की तुलना में शनिवार को आम यात्री वाहनों की आवाजाही बेहद कम है।
..और जवान हो गए चौकन्ने
गीदम से करीब 15 किलोमीटर पहले बस्तानार घाटी। हाइवे के किनारे एक एंटी लैंडमाइन वीकल और करीब 50 से अधिक जवान मोर्चा संभाले हुए हैं। हमारी एसयूवी जैसे ही उस घाटी में दाखिल होती है कुछ जवान ऐसे देखते हैं जैसे वे अंदर तक के नजारे को स्कैन करना चाह रहे हैं। उन्होंने गाड़ी के आगे स्टीकर लगा देखा तो माना आश्वस्त हो गए और सड़क पर गन थामे चहलकदमी करने लगे। घाटी के अंदर पहाडिय़ों की चट्टानों के बीच करीब 100 मीटर की दूरी तक जवान हथियार लेकर मोर्चे पर तैनात थे।
बड़े सरोली और बड़े मुनार के बीच हाइवे से बाइक सवार जवानों का काफिला पेट्रोलिंग कर रहा था। इन बाइकों पर कुछ ऐसे जवान भी नजर आए तो एक कंधे पर एके-47 या एसएलआर थामे थे तो दूसरे हाथ से दातून कर रहे थे। साफ है प्रधानमंत्री की सुरक्षा के मद्देनजर अलसुबह ही उन्हें हाइवे की सुरक्षा के लिए भ्भेज दिया गया। हाइवे पर सुरक्षा के लिए 4 एंट्री लैंडमाइन वीकल अलग-अलग जगहों पर तैनात हैं।
मंगलबाजार से लगी घाटी में सीआरपीएफ कोबरा बटालियन की एक टुकड़ी मेटल डिटेक्टर और स्निफर डॉग के साथ इाइवे के किनारे कच्ची सड़क और जंगल के अंदर तक छानबीन करती दिखी। कई घाटियों से होकर गुजरती घूमावदार सड़क पर आज आम लोगों से अधिक वार्दी वालों की चहलकदमी है।
बेहद ही खतरनाक और संवेदनशील इलाका
कमोबेश ऐसा ही नजारा बड़े सरोली, बड़े मुनार, पाण्डेमुर्रा, बोदली आदि गांवों में भी है। हाइवे पर जांगला गांव में जहां प्रधानमंत्री की सभा होनी है वह अबूझमाड़ का एक किनारा है। बेहद ही खतरनाक और संवेदनशील इलाका है। घने जंगलों से घिरा। यहां की सुरक्षा भी बेहद तगड़ी है। आम वाहनों को सभा स्थल से करीब 3 किलोमीटर दूर पार्क करवाया गया है। मीडिया और सरकारी गाडिय़ां सभा स्थल से लगभग एक किलोमीटर के फासले पर पार्क करवाए गए हैं। सीआरपीएफ और डीएफ ने सभा स्थल के करीब 6 से 8 किलोमीटर के दायरे को घेरे में ले रखा है।
दो जगहों पर एंट्री
बांगापाल और भैरमगढ़ थाने के पास चेक पोस्ट पर वाहनों की रजिस्टर में एंट्री की जा रही है। शक होने पर बड़े यात्री वाहनों की तलाशी भी ली जा रही है। कहीं-कहीं बैग लेकर पैदल चलने वालों की भी तलाशी ली जा रही है।
सभी फोटो: दिनेश यदु