रायपुर

अचानक पुलिस छावनी में तब्दील हुई यह कॉलोनी, 360 मकानों की हुई तलाशी

राजधानी के बीएसयूपी आवास में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गई और जांच करने लगी।

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Nov 22, 2017

रायपुर . छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में क्राइम कंट्रोल के लिए पुलिस खास फार्मूले पर काम कर रही है। बाहरी और स्थानीय अपराधियों पर दबाव बनाने पुलिस करीब साल भर से तीन तरह की कार्रवाई कर रही है। पहले आउटर की कॉलोनियों को निशाने में लिया। होटल-लॉज और बैकों की रूटीन जांच शुरू की। इसके बाद शहर के भीतरी इलाके में जांच और पैदल गश्त करवाए।

इससे आउटर के अलावा बैंक और शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके में पुलिस की मौजूदगी दिखे और अपराधियों की गतिविधियां न हो सके। इसका असर भी दिखने लगा। गंभीर और संगठित अपराधों में कमी आई है। खासकर गुंडागर्दी और हत्या की कोशिश के मामले कम हुए हैं। रायपुर के अधिकांश स्थानीय बदमाशों की गतिविधियां भी कम हुई है। सोमवार-मंगलवार को भी पुलिस ने इसी तरह का अभियान चलाया। इसमें सौ से अधिक लोगों को थाने लाया गया था।

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धरमपुरा के 360 मकानों की जांच
मंगलवार की तड़के माना, मंदिरहसौद, आमानाका और तेलीबांधा पुलिस ने धरमपुरा स्थित बीएसयूपी आवास में चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस ने कॉलोनी के 360 मकानों की जांच की। इनमें करीब एक हजार लोग रहते हैं। 30 से अधिक मकानों में किराएदार मिले। इसकी जानकारी थाने में नहीं दी गई थी। इसी तरह दिन में सभी पीसीआर और बाइक पेट्रोलिंग ने प्रमुख स्थानों पर चेकिंग की। पहली बार महिला पुलिस की टीम भी लगाई गई, जिसने संदिग्ध महिलाओं की जांच की। इससे पहले पुलिस ने सोमवार की रात सभी होटल-लॉज की जांच कराई। इसमें ठहरे हुए लोगों से पहचान संबंधित दस्तावेज और रायपुर आने के कारणों की जानकारी ली। तीनों कार्रवाई में करीब सौ लोग संदिग्ध मिले। सभी को वेरीफिकेशन के बाद छोड़ा गया।

यह हुआ फायदा
आउटर की कॉलोनियों में लगातार जांच से गुंडागर्दी और संगठित अपराधों में कमी आई है। वर्ष 2014-15 में गुंडागर्दी और संगठित अपराधियों ने वसूली व विवाद के चलते मारपीट की, जिसमें 103 लोगों की हत्या की कोशिश की गई थी। इसी तरह वर्ष 2015-16 में 83 लोगों पर हमला हुआ और वर्ष 2017 में अभी तक 54 लोगों पर प्राणघातक हमला हुआ है। इसके अलावा बाहरी गिरोह द्वारा ठगी, लूट और डकैती के मामले कम हुए हैं।

अभियान का मकसद
बीएसयूपी में चेकिंग : रायपुर के आउटर में चारों दिशा में बीएसयूपी और आरडीए की कॉलोनियां हैं। अधिकांश मकान में किराएदार हैं और कई खाली पड़े हैं। खाली मकान में कई अवैध गतिविधियां चलती हैं। बाहरी अपराधी भी आकर फरारी काटते हैं। एेसे लोगों का पता करने पुलिस चेकिंग करती है। इससे किराएदारों का वेरीफिकेशन भी हो जाता है।

बैंकों का सिक्युरिटी ऑडिट
रायपुर में दो सौ से अधिक सरकारी और निजी बैंक हैं। उठाईगिरी और ठगों के बाहरी गिरोह कई बार वारदात कर चुकी है। इसमें रोक के लिए पुलिस ने बैंकों की सिक्युरिटी ऑडिट शुरू किया है। इसके तहत बीच-बीच में बैंकों में सुरक्षा इंतजाम की पुलिस चेकिंग करती है।

पैदल गश्त, होटल-लॉज की जांच
शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके रात में उठाईगिरी और लूट की आशंका रहती है। इसके लिए पुलिस ने पैदल गश्त शुरू की है। पुलिस के जवान इन इलाकों में पैदल गश्त कर रहे हैं। इसी तरह उठाईगिरी और बाहर से आए अपराधी दिनभर शहर में घूमने के बाद रात में होटल लॉज में चले जाते हैं। एेसे लोगों की पहचान करने होटल-लॉज की जांच करती है।

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Published on:
22 Nov 2017 04:07 pm
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