रायपुर. प्रदेश में कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर एक बार भी सवाल उठे हैं। इससे प्रदेश की सियासत गरमा गई है। दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जन्मदिन पर राजधानी में हुए एक कार्यक्रम में पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि प्रदेश की जनता चाहती है कि कांग्रेस की कमान भूपेश बघेल संभालें।
चौबे ने दावा किया कि अगर कोई 2028 में फिर से सरकार बना सकता है, तो वह केवल भूपेश बघेल ही हैं। वहीं, दूसरी ओर डिप्टी सीएम अरुण साव ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कलह पर तंज कसा है। पूर्व मंत्री ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर बघेल का हाथ मजबूत करना होगा। जिस तरह 2013 से 2018 के बीच कार्यकर्ताओं ने मिलकर भाजपा की 15 साल की सत्ता को खत्म किया था, उसी तरह आने वाले समय में भी मजबूती से लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने कहा कि बघेल ही ऐसे नेता हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ खुलकर आवाज उठा रहे हैं। इसी कारण उन्हें और उनके परिवार को ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स की कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।
इस मुद्दे पर डिप्टी सीएम साव ने कहा कि कांग्रेस में आंतरिक कलह कोई नई बात नहीं है। कांग्रेस के नेता आपस में झगड़ते हैं और इनके झगड़े का कोई अंत नहीं है। इसलिए ये कार्यकर्ताओं और जनता का विश्वास खो चुकी है। वहीं, कांग्रेस को ही भूपेश बघेल पर भरोसा नहीं है। क्योंकि इनके नेतृत्व में ही कांग्रेस की लोकसभा और विधानसभा चुनाव में हार हुई है। जब जनता और पार्टी को भरोसा नहीं है तो रविन्द्र चौबे के भरोसे से कुछ होने वाला नहीं है।
पूर्व मंत्री के बयान पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बैज ने कका कि वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाज्ञानी नेता हैं। अगर यह उनका बयान है तो उनका निजी बयान है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा है कि कांग्रेस कलेक्टिव लीडरशिप के साथ जनहित के मुद्दों पर ही लड़ाई लड़ेगी और दोबारा सरकार बनाएगी।
कांग्रेस में नेतृत्व का मामला पहली बार नहीं उठा है। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत का एक बयान चर्चा में आया था। इसमें महंत ने पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की बात कही थीं। हालांकि इसे लेकर जब विवाद बढ़ा तो महंत ने इसका खंडन किया था। उन्होंने बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने की बात कही थी।