रायपुर

आम जनता को बड़ी राहत, अब सस्ती होगी जमीन-मकान की रजिस्ट्री, 0.60% उपकर समाप्त

CG property registration charges: छत्तीसगढ़ सरकार ने संपत्ति रजिस्ट्री पर लगने वाला 0.60% उपकर समाप्त कर दिया है। जानें इससे आम जनता को कैसे मिलेगा सीधा फायदा।

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Apr 29, 2026
अचल संपत्ति की रजिस्ट्री हुई सस्ती (photo source- Patrika)

CG govt property registry update: छत्तीसगढ़ सरकार ने आम नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए एक अहम फैसला लिया है। अब राज्य में अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर लगने वाला 0.60 प्रतिशत उपकर पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) अधिनियम, 2026 की अधिसूचना जारी होते ही यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। यह कदम प्रदेश में सुशासन और जनहितकारी नीतियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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CG govt property registry update: आम जनता को सीधी राहत, रजिस्ट्री होगी सस्ती

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में लिए गए इस फैसले के तहत अब अचल संपत्ति के अंतरण विलेखों के पंजीयन पर बाजार मूल्य के आधार पर लगाया जाने वाला 0.60 प्रतिशत उपकर पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। इसका सीधा फायदा आम नागरिकों को मिलेगा, क्योंकि अब संपत्ति की रजिस्ट्री पहले की तुलना में सस्ती हो जाएगी। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी संपत्ति का बाजार मूल्य 1 करोड़ रुपये है, तो पहले उपकर के रूप में लगभग 60 हजार रुपये अतिरिक्त देने पड़ते थे, जो अब पूरी तरह बच जाएंगे।

सरकार का फोकस: सरल और किफायती जीवन

मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि आम जनता के जीवन को सरल और किफायती बनाना है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से किसानों, मध्यमवर्गीय परिवारों और संपत्ति खरीद-बिक्री से जुड़े लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इस पहल से न केवल रजिस्ट्री की लागत घटेगी, बल्कि पूरी प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और सुगम बनेगी।

विधानसभा में पारित हुआ था संशोधन विधेयक

पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से यह पहल की गई थी। इसके तहत छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में संशोधन विधेयक पारित किया गया था, जिसके बाद अब इसकी अधिसूचना जारी कर इसे लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला सीधे तौर पर जनता के हित में है और इससे राज्य में संपत्ति पंजीयन को बढ़ावा मिलेगा।

संपत्ति बाजार में आएगी पारदर्शिता और तेजी

मंत्री चौधरी के अनुसार, यह निर्णय खासतौर पर मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए राहतकारी साबित होगा। इससे संपत्ति बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और लेन-देन की प्रक्रिया में तेजी आएगी। कम लागत के कारण लोग अब अधिक सहजता से रजिस्ट्री करा पाएंगे, जिससे रियल एस्टेट सेक्टर को भी नई गति मिलने की संभावना है।

क्यों हटाया गया उपकर? समझिए पूरा बैकग्राउंड

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ उपकर अधिनियम, 1982 के तहत स्थावर संपत्ति के अंतरण पर उपकर लगाया जाता था। वर्ष 2023 में तत्कालीन सरकार द्वारा रोजगार योजनाओं और राजीव गांधी मितान क्लब योजना के वित्तपोषण के लिए स्टांप शुल्क के अतिरिक्त 12 प्रतिशत की दर से उपकर अधिरोपित किया गया था, जिससे नागरिकों पर करीब 0.60 प्रतिशत अतिरिक्त भार पड़ता था।

हालांकि, वर्तमान में मितान क्लब योजना संचालित नहीं है और रोजगार योजनाओं का खर्च अब सामान्य बजट से किया जा रहा है। ऐसे में इस उपकर की उपयोगिता समाप्त हो चुकी थी, जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसे हटाने का निर्णय लिया।

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार को इस उपकर से लगभग 148 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक करीब 150 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इसके बावजूद सरकार ने जनहित को प्राथमिकता देते हुए इस राजस्व को छोड़ने का निर्णय लिया, जो इस फैसले को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।

CG govt property registry update: कानून में क्या बदलाव हुए?

इस संशोधन के तहत उपकर से जुड़े प्रावधानों को समाप्त कर दिया गया है:

  • धारा 8
  • धारा 9
  • अनुसूची में वर्णित संबंधित प्रावधानइन बदलावों के बाद अब संपत्ति रजिस्ट्री पर कोई अतिरिक्त उपकर नहीं लगेगा।
Published on:
29 Apr 2026 08:56 am
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