गैस सिलेंडर की मारामारी कम होने का नाम नहीं ले रही है। एक ओर प्रशासन जहां भरपूर सिलेंडर होने की बात कह रहा है, वहीं दूसरी ओर गैंस एजेंसियों के बाहर लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही है। हर दिन अलग-अलग गैस एजेंसियों के बाहर सुबह 6-7 बजे से ही लाइन लगना शुरू हो जाती […]
गैस सिलेंडर की मारामारी कम होने का नाम नहीं ले रही है। एक ओर प्रशासन जहां भरपूर सिलेंडर होने की बात कह रहा है, वहीं दूसरी ओर गैंस एजेंसियों के बाहर लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही है। हर दिन अलग-अलग गैस एजेंसियों के बाहर सुबह 6-7 बजे से ही लाइन लगना शुरू हो जाती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब रायपुर जिले की आधी गैस एजेंसियों का स्टॉक खत्म हो गया है। अब प्रशासन की ओर से बचे स्टॉक को एजेंसियों को कम मात्रा में दिया जा रहा है।
सिलेंडर की कमी का एक कारण पारादीप से आने वाली गाड़ी है। अब तक वहां से सिलेंडर लेकर गाड़ी नहीं निकली है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पारादीप से निकलने के बाद गाडि़यां पहुंचने में करीब 5 दिन का वक्त लग सकता है, उसके बाद एजेंसियों को सिलेंडर का वितरण किया जाएगा। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रायपुर जिले में करीब 7.55 लाख घरेलू एलपीजी गैस उपभोक्ता व 35 हजार कॉमर्शियल गैस उपभोक्ता हैं।
जिले में औसतन हर दिन करीब 4 हजार सिलेंडर की बुकिंग की जाती थी। लेकिन युद्ध के बाद से यह संख्या 19 हजार तक पहुंच गई है। इसके कारण सर्वर भी ठप पड़ गया है। स्टॉक कम होने की वजह से अब हफ्तेभर पहले बुक हुए लोगों को सिलेंडर देने में प्राथमिकता दी जा रही है।
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष तरनजीत सिंह होरा ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति जल्द सामान्य होने की उम्मीद है। आगामी 4 दिनों के भीतर छत्तीसगढ़ में सप्लाई फिर से शुरू हो सकती है। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने एडवाइजरी जारी मेनू में केवल जरूरी और सीमित आइटम्स ही शामिल करने को कहा है। गैस की कमी के कारण रोटी और डोसा को कई जगहों पर अस्थायी रूप से मेनू से हटा दिया गया है। एसोसिएशन का कहना है कि गैस आपूर्ति सामान्य होने तक इसी तरह वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए होटल और रेस्टोरेंट का संचालन किया जाएगा।
समस्या से संबंधित शिकायत के लिए प्रशासन ने टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 भी जारी किया है। जिसमें अब तक सौ से ज्यादा शिकायतें आई हैं। सबसे अधिक शिकायत सर्वर ठप होने की है।