प्रदेश में रोजगार के पर्याप्त अवसर ना मिलने के चलते मजदूर दर दर भटकने को मजबूर हैं। जिसका कई बार दलाल फायदा उठाते हैं और मजदूरों को बंधक बनाकर काम कराया जाता है। प्रदेश के 30 मजदूरों को तमिलनांडु के गांव टोकाबाड़ी तहसील त्रिचेंगुल में बंधक बनाने का कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है।
फैक्टी में बंधक बनाकर रखा मजदूरों को
दरअसल काम की तलाश में प्रदेश के 30 मजदूरों को एक दलाल तमिलनांडु ले गया था। जहां ईट बनाने वाली फैक्ट्री में काम पर लगवाया लेकिन कंपनी संचालक ने 6 महिने काम करने के बाद भी मजदूरों को पैसा नहीं दिया। जब मजदूरों ने पैसा मांगा तो उन्हें बंधक बना लिया गया और किसी तरह भागने या शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
भागकर आई लडक़ी ने दी सूचना
मजदूरों के साथ काम के लिए गई एक लडक़ी वहां से भागने में कामयाब हो गई। जिसने नारायण के चाइल्ड केयर के मजदूरों के बंधक बनाए जाने की सूचना। जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए कलेक्टर ने एक टीम गठित कर तमिलनांडु भेजी। जिसने जाकर मजदूरों को रिहा कराया। साथ ही आरोपी दलाल को पुलिस जहां रायपुर ले आई है वहीं फैक्ट्री संचालक पर भी तमिलनांडू पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
उड़ीसा-बिहार के बच्चों को भी कराया रिहा
तमिलनांडु में बंधक बनाए गए मजदूरों में 10 बच्चे भी शामिल थे। इसके आलावा उड़ीसा-बिहार के करीब १० बच्चों को भी चाइल्ड केयर की टीम ने रिहा कराया है।
मंत्री केदार कश्यप ने की मुलाकात
तमिलनांडु से छुड़ाए गए सभी मजदूरों को रायपुर आने के बाद मंत्री केदार कश्यप के बंगले पर ले जाया गया। जहां उन्होंने से सभी से मुलाकात की साथ ही रोजगार देने का वादा भी किया।