
Chhattisgarh Crime News: भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) परिसर में गुंडागर्दी चरम पर है। पार्किंग कर्मचारियों की गुंडागर्दी को न एम्स प्रबंधन रोक रहा है और न ही पुलिस वाले कोई सख्त एक्शन ले रहे हैं। यही कारण है कि पार्किंग कर्मचारी एम्स परिसर में नशाखोरी करते हैं और मरीजों व उनके परिजनों से मारपीट और गुंडागर्दी कर रहे हैं। नशे में धुत आधा दर्जन पार्किंग कर्मचारियों ने अपनी मां के साथ इलाज कराने आए एक युवक को बुरी तरह पीटा। युवक की मां बीच-बचाव करती रही, लेकिन आरोपी नहीं माने। बुरी तरह पीटने के बाद आरोपी चले गए। युवक की शिकायत पर आमानाका पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सामान्य धारा में एफआईआर किया है, जबकि पीडि़त युवक बीमार था। युवकों की मारपीट से उसकी जान जा सकती थी।
कबीर नगर निवासी विवेक कुर्रे निजी कंपनी में काम करता है। उसकी तबीयत खराब थी। गुरुवार को वह अपना इलाज कराने एम्स पहुंचा। इलाज के बाद अपनी मां के साथ जा रहा था। इस दौरान पार्किंग कर्मचारी आयुष शर्मा ने अपनी बाइक बीच रास्ते में खड़ी कर दी थी। उसने बाइक हटाने के लिए तो वह गाली-गलौज करने लगा। गाली देने से मना करने पर आयुष अपने दोस्त शरद लाल, विकास व अन्य लोगों को बुला लिया। इसके बाद सभी मिलने मिलकर उससे मारपीट शुरू कर दी।
एम्स परिसर में पार्किंग के कर्मचारियों की कई शिकायतें हैं। मरीजों के परिजनों से अवैध वसूली, नशाखोरी व गुंडागर्दी, इसके बाद भी एम्स प्रबंधन इन पर सख्ती नहीं करता है। सूत्रों के मुताबिक पार्किंग का ठेका सुरक्षा कंपनी के ही लोग चला रहा हैं। पार्किंग में दूसरे राज्य के अपराधिक प्रवृत्ति के कर्मचारियों को तैनात किया जाता है, ताकि अधिक वसूली कर सकें।