Census 2027: रायपुर में जनगणना 2027 के पहले चरण का सफल समापन हो गया है। इस दौरान प्रगणकों ने 33 सवालों के आधार पर घर-घर सर्वे पूरा किया और डेटा सर्वर में दर्ज किया गया। जिन मकानों का सर्वे छूट गया है, उन्हें दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा।
Census 2027: छत्तीसगढ़ में 30 मई को जनगणना के पहले चरण का समापन हो गया है। अधिकारियों के अनुसार रायपुर जिले में प्रगणकों ने 100 प्रतिशत से भी अधिक घरों तक पहुंचकर मकान सूचीकरण का कार्य पूरा कर लिया है। जिन घरों तक पहुंच नहीं हो सकी, उनका डेटा अगले चरण में शामिल किया जाएगा। प्रगणकों ने घर-घर जाकर जानकारी एकत्र की और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उसे सर्वर में दर्ज किया। इससे जिले में जनगणना कार्य सफलतापूर्वक पूरा माना जा रहा है।
जनगणना के दौरान 1 मई से 30 मई तक प्रगणकों ने घर-घर जाकर 33 प्रकार के सवालों के आधार पर जानकारी एकत्र की और उसे सीधे सर्वर में दर्ज किया। इससे पहले 16 से 30 अप्रैल तक लोगों द्वारा स्वयं ऑनलाइन स्व-गणना भी की गई थी। इस प्रक्रिया में नागरिकों की बुनियादी जानकारी, आवासीय स्थिति और अन्य आवश्यक विवरण शामिल किए गए। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से डेटा को तुरंत अपडेट किया गया, जिससे जनगणना कार्य को गति और पारदर्शिता मिली।
अधिकारियों ने बताया कि जिन घरों में लोग उपलब्ध नहीं थे, वहां प्रगणक तीन से चार बार पहुंचे। इसके बाद भी यदि जानकारी नहीं मिल सकी, तो उन घरों को “बंद” दर्ज कर सिस्टम में अपडेट कर दिया गया। इसके बावजूद प्रयास किया गया कि अधिकतम घरों का सही डेटा संग्रहित हो सके और किसी भी परिवार की जानकारी छूट न जाए। यह पूरी प्रक्रिया निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार संपन्न की गई।
जनगणना का अगला चरण 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा। इसमें प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी जैसे शिक्षा, भाषा, व्यवसाय और जाति संबंधी डेटा एकत्र किया जाएगा। इससे सरकार को योजनाएं बनाने में अधिक सटीक और रियल टाइम डेटा उपलब्ध होगा। इस चरण में विस्तृत सामाजिक और आर्थिक आंकड़े जुटाए जाएंगे, जिससे विकास योजनाओं को और प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।
जनगणना कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए रायपुर जिले को 3939 ब्लॉकों में विभाजित किया गया था। प्रत्येक प्रगणक को 180 से 200 घरों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके साथ ही हर छह प्रगणकों पर एक सुपरवाइजर की नियुक्ति भी की गई थी। इस व्यवस्था से सर्वे कार्य की निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित की गई तथा पूरे अभियान को समय पर और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया गया।