रायपुर

ड्यूटी में लापरवाही पड़ी भारी! रायपुर DCP उमेश प्रसाद गुप्ता ने लिया बड़ा एक्शन, डायल-112 का कांस्टेबल सस्पेंडेड

Suspended News: रायपुर में सड़क हादसे की सूचना पर कथित रूप से देर से पहुंचने और अमर्यादित व्यवहार के आरोप में डायल-112 के एक आरक्षक को निलंबित कर दिया गया है।
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Jul 02, 2026
Dial 112 Constable Suspended
Dial 112 Constable Suspended: डायल-112 का आरक्षक निलंबित(photo-patrika)

Dial 112 Constable Suspended: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सड़क दुर्घटना की सूचना पर समय पर नहीं पहुंचने और ड्यूटी के दौरान कथित लापरवाही बरतने के आरोप में डायल-112 में तैनात एक आरक्षक को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस उपायुक्त (DCP) उमेश प्रसाद गुप्ता ने आरक्षक संदीप शर्मा के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए उन्हें रक्षित केंद्र संबद्ध कर दिया। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया दुर्घटना स्थल पर विलंब से पहुंचने और अमर्यादित व्यवहार की बात सामने आई है। मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई की है।

Raipur Dial 112 News: क्या है पूरा मामला?

जारी आदेश के अनुसार, 30 जून 2026 की रात करीब 11 बजे सिटी सेंटर मॉल के सामने सर्विस रोड पर कार और बाइक के बीच सड़क दुर्घटना हुई थी। हादसे की सूचना तत्काल डायल-112 के माध्यम से पुलिस को दी गई थी। आरोप है कि सूचना मिलने के बावजूद मौके पर तैनात आरक्षक संदीप शर्मा समय पर नहीं पहुंचे। बताया गया कि दुर्घटना स्थल पर पहुंचने में अनावश्यक देरी हुई, जिससे समय पर पुलिस सहायता उपलब्ध नहीं हो सकी। इसके अलावा मौके पर मौजूद लोगों के साथ आरक्षक का व्यवहार भी मर्यादित नहीं पाया गया।

DCP ने तत्काल की कार्रवाई

मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस उपायुक्त उमेश प्रसाद गुप्ता ने आरक्षक संदीप शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबन के साथ उन्हें रक्षित केंद्र, रायपुर संबद्ध कर दिया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान संबंधित आरक्षक को नियमानुसार निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) दिया जाएगा।

ड्यूटी में लापरवाही पर सख्त संदेश

पुलिस विभाग का कहना है कि आम नागरिकों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना डायल-112 की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुचित व्यवहार को गंभीरता से लिया जाएगा। डायल-112 आपातकालीन सेवा का उद्देश्य दुर्घटना, अपराध या अन्य आपात स्थितियों में त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है। ऐसे मामलों में लापरवाही सामने आने पर विभाग की छवि भी प्रभावित होती है।

जांच के बाद आगे होगी कार्रवाई

फिलहाल आरक्षक को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले के सभी तथ्यों की विस्तृत जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी में लापरवाही और अनुशासनहीनता के मामलों में पुलिस विभाग की ओर से सख्त रुख अपनाया जाएगा, ताकि आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली प्रभावी बनी रहे।

Updated on:
02 Jul 2026 05:06 pm
Published on:
02 Jul 2026 04:56 pm