रायपुर

Raipur ISKCON Temple: रायपुर में जन्माष्टमी की धूम! मयूर थीम में सजेगा इस्कॉन मंदिर, नॉन स्टॉप कीर्तन से बनेगा रिकॉर्ड

Janmashtami 2026: रायपुर इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी पर तीन दिवसीय भव्य आयोजन होगा। मयूर थीम सजावट, नॉन स्टॉप हरे कृष्णा कीर्तन, महाभिषेक और महाआरती के साथ लाखों श्रद्धालु शामिल होंगे।
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Sep 03, 2026
Raipur ISKCON Temple
रायपुर इस्कॉन में जन्माष्टमी का महामहोत्सव (Photo Source- Patrika File Photo)

Raipur ISKCON Temple: जन्माष्टमी के पावन पर्व को लेकर रायपुर के इस्कॉन मंदिर में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार मंदिर में तीन दिवसीय भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ स्कूली बच्चे भी शामिल होंगे। आयोजकों के मुताबिक इस बार जन्माष्टमी के दौरान करीब 9 से 10 लाख श्रद्धालुओं के रायपुर पहुंचने की उम्मीद है। मायापुर और दिल्ली से कथक कलाकारों के साथ खैरागढ़ से भी कलाकार अपनी प्रस्तुति देने पहुंचेंगे।

Mayur Theme ISKCON Temple: मयूर थीम में सजेगा इस्कॉन मंदिर

इस वर्ष इस्कॉन मंदिर की सजावट को विशेष रूप दिया गया है। जन्माष्टमी पर मंदिर के बाहर से लेकर अंदर तक ताजे फूलों से सजावट की जाएगी। इस बार सजावट के लिए मयूर थीम को चुना गया है। मंदिर परिसर में जगह-जगह मोर पंखों की सजावट देखने को मिलेगी। भगवान श्रीकृष्ण को भी मयूर थीम के अनुरूप सजाया जाएगा। फूलों और मोर पंखों से की जाने वाली यह सजावट श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र होगी।

रायपुर इस्कॉन में जन्माष्टमी का महामहोत्सव

नॉन स्टॉप हरे कृष्णा कीर्तन बनेगा खास आकर्षण

इस बार जन्माष्टमी उत्सव में लगातार होने वाला हरे राम, हरे कृष्णा संकीर्तन विशेष आकर्षण रहेगा। आयोजकों का कहना है कि इस वर्ष नॉन स्टॉप कीर्तन का आयोजन किया जाएगा, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास होगा। मंदिर परिसर में लगातार गूंजने वाले संकीर्तन से जन्माष्टमी की रात पूरी तरह भक्तिमय नजर आएगी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के इसमें शामिल होने की संभावना है।

4 सितंबर को मंगल आरती से शुरू होगा जन्माष्टमी पर्व

4 सितंबर को जन्माष्टमी पर्व की शुरुआत सुबह 4 बजे भगवान श्रीकृष्ण की मंगल आरती और दर्शन के साथ होगी। इसके बाद पूरे दिन मंदिर परिसर में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहेगा। दिनभर हरे राम, हरे कृष्णा का संकीर्तन होगा। श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की भी व्यवस्था रहेगी। शाम और रात के समय विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। रात 9 बजे भगवान श्रीकृष्ण का महाभिषेक होगा, जबकि रात 12 बजे महाआरती के साथ भगवान के जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा।

5 सितंबर को होगी शीलाप्रभुपाद की व्यास पूजा

जन्माष्टमी उत्सव के तीसरे दिन 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर शीलाप्रभुपाद का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान व्यास पूजा महोत्सव का आयोजन होगा। धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के साथ श्रद्धालु शीलाप्रभुपाद के योगदान को याद करेंगे।

रायपुर इस्कॉन में जन्माष्टमी का महामहोत्सव

Chhattisgarh Janmashtami: भारतीय संस्कृति और सेवा भाव को बढ़ावा देता है इस्कॉन

इस्कॉन मंदिर का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को लोगों तक पहुंचाना भी है। मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि यहां भगवान को केवल मूर्ति के रूप में नहीं, बल्कि अर्चा विग्रह के रूप में सेवा भाव से पूजा जाता है। मंदिर में दिनभर नियमित धार्मिक गतिविधियां होती हैं। भगवान की छह समय आरती और छह समय भोग की परंपरा के जरिए सेवा और भक्ति के भाव को महत्व दिया जाता है। यही सेवा भाव इस्कॉन की धार्मिक परंपरा को विशेष पहचान देता है।

Updated on:
03 Sept 2026 02:32 pm
Published on:
03 Sept 2026 02:24 pm