
नदियों में प्रदुषण (Photo Patrika)
Chhattisgarh pollution case: @ अजय रघुवंशी। प्रदेश की जीवनदायिनी नदियों में ज़हर घोलने वालों पर कार्रवाई का एक चौंकाने वाला सच 'पत्रिका ग्राउंड रिपोर्ट' में सामने आया है। राज्य की नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के नाम पर 30 हजार से अधिक मामले तो दर्ज कर लिए, लेकिन जब इन पर वसूले गए जुर्माने की रकम देखी गई तो पूरी कार्रवाई का ढोंग उजागर हो गया। केंद्र सरकार के जलशक्ति मंत्रालय को भेजी गई जुलाई-2026 की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेशभर में नदियों को प्रदूषित करने पर दर्ज कुल 30 हजार प्रकरणों में औसतन महज 386 रुपए प्रति केस की दर से जुर्माना वसूला गया है।
यह जुर्माना इतना मामूली है कि इसकी कीमत एक बोतल फिनाइल से भी कम बैठती है। ऐसे में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों, निकायों और अपराधियों में न तो कानूनी केस दर्ज होने का कोई खौफ बचा है और न ही इस नाममात्र के जुर्माने का। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में नदियों में गंदगी, सीवरेज और औद्योगिक कचरा बहाने पर 1.16 करोड़ रुपए से ज्यादा की पेनाल्टी लगाई जा चुकी है। इसके बावजूद रायपुर, धमतरी, रायगढ़, कोरबा, कांकेर, नवापारा, राजिम और बिलासपुर में नालियों व उद्योगों का ज़हरीला पानी लगातार नदियों में मिल रहा है। आंकड़ों की बात करें तो रायपुर में 17371 प्रकरण दर्ज किए गए, जहां औसतन केवल 340 रुपए प्रति केस जुर्माना वसूला गया। वहीं रायगढ़ में दर्ज 6520 मामलों में औसतन महज 220 रुपए की वसूली हुई।
नदियों की दुर्दशा पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही बिलासपुर हाईकोर्ट ने भी संबंधित विभागों को कड़ी फटकार लगाई है। कार्रवाई के दबाव के बाद अधिकारियों का कहना है कि सीवरेज रोकने और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण की स्थिति की रिपोर्ट एनजीटी और केंद्र सरकार को भेज दी गई है।
नगरीय प्रशासन विभाग के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश में 25 एसटीपी संचालित हैं, जिनसे प्रतिदिन 458 लीटर पानी फिल्टर किया जा रहा है। हालांकि, 16 एसटीपी का काम अब भी अधूरा पड़ा है। पत्रिका की पड़ताल बताती है कि नदियों को पूरी तरह बचाने के लिए 13 और नए एसटीपी की तुरंत आवश्यकता है। जहां प्लांट चल भी रहे हैं, वहां ज़हर बहाने के नए रास्ते ढूंढ लिए गए हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि औद्योगिक अपशिष्ट, नालों के पानी और जलकुंभी के अनियंत्रित फैलाव से नदियां डंपिंग यार्ड बन रही हैं और पानी में घुलित ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिर रहा है। शिवनाथ नदी में डिस्टिलरी से निकले जहरीले केमिकल के कारण यहां मछलियों और मवेशियों की मौत की घटनाएं हो चुकी हैं। हसदेव नदी में कोरबा की साढ़े तीन लाख आबादी के 11 बड़े नाले और आसपास के औद्योगिक संयंत्रों का अपशिष्ट सीधे हसदेव में गिर रहा है। कोरबा में निर्माणाधीन एसटीपी में समय लगेगा, तब तक प्रदूषण जारी है। महानदी, इंद्रावती, खारून, केलो, पैरी-सोंढूर जैसी नदियां भी सीवरेज के सीधे प्रवाह से कराह रही हैं। हालांकि हसदेव को मॉडल नदी के रूप में विकसित करने का दावा किया गया है।
प्रदूषण और अंधाधुंध अवैध रेत खनन के कारण अरपा नदी का प्राकृतिक इकोसिस्टम पूरी तरह चौपट हो गया है। नदी अपने उद्गम स्थल पर अवैध कब्जों के कारण प्राकृतिक बहाव खो चुकी है और बिलासपुर क्षेत्र में अक्सर जलविहीन रहती है। बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के ही 70 नालों से प्रतिदिन 72.20 एमएलडी गंदा पानी सीधे अरपा में छोड़ा जा रहा है। हालांकि नगर निगम पानी को एसटीपी से साफ करने का दावा करता है, लेकिन हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सवाल उठाया है कि क्या सभी नालों का सीवेज वास्तव में एसटीपी तक पहुंच भी रहा है या सीधे नदी में गिर रहा है।
वर्जन
एनजीटी के दिशा-निर्देशों के तहत जलशक्ति मंत्रालय को प्रदेश की नदियों की अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट भेज दी गई है। नदियों में प्रदूषण फैलाने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है। निकायों के माध्यम से अब तक 30 हजार से ज्यादा मामलों में जुर्माना वसूल किया गया है।
-राजेश शर्मा, मुख्य अभियंता, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग
| नगरीय निकाय | प्रकरण दर्ज | वसूली गई राशि | प्रति प्रकरण औसत |
|---|---|---|---|
| रायपुर | 17,371 | ₹59,16,516 | ₹340 |
| धमतरी | 594 | ₹2,34,302 | ₹394 |
| रायगढ़ | 6,520 | ₹14,34,420 | ₹220 |
| कोरबा | 1,204 | ₹6,45,110 | ₹535 |
| कांकेर | 514 | ₹1,05,900 | ₹206 |
| नवापारा | 159 | ₹90,060 | ₹566 |
| राजिम | 151 | ₹25,800 | ₹170 |
| सिमगा | 68 | ₹6,550 | ₹96 |
| बिलासपुर | 3,729 | ₹31,96,850 | ₹857 |
| कुल | 30,310 | ₹1,16,55,508 | करीब ₹386 |
Updated on:
03 Sept 2026 01:05 pm
Published on:
03 Sept 2026 01:05 pm
