रायपुर

अगर आप भी करते हैं कार्ड और ऑनलाइन पेमेंट तो ध्यान में रखें ये बातें, वरना …

साइबर ठगी से बचने के लिए अवेयरनेस से बड़ा कोई ऑप्शन नहीं .
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Updated: 14 Oct 2019, 7:59 PM IST
अगर आप भी करते हैं कार्ड और ऑनलाइन पेमेंट तो ध्यान में रखें ये बातें, वरना ...
अगर आप भी करते हैं कार्ड और ऑनलाइन पेमेंट तो ध्यान में रखें ये बातें, वरना ...

रायपुर . आज हर किसी के पास मोबाइल है। चाहे सोशल मीडिया हो, बैंकिंग या लेनदेन। सारा काम मोबाइल से ऑपरेट होने लगा है। जैसे-जैसे हम डिजिटल हो रहे हैं ठीक वैसे ही सायबर ठगी भी बढ़ रही है क्योंकि हैकिंग को टेक्नीकली बंदे अंजाम दे रहे हैं। अब ऐसे में हमें सतर्क रहने की जरूरत है। लोगों के साथ दिक्कत ये है कि सेफ्टी को फॉलो नहीं करते।

इसका छोटा सा उदाहरण है कि अगर आपको मोबाइल किसी के हाथ में लग गया तो क्या होगा? जाहिर है मोबाइल के साथ कई जरूरी चीजें भी दूसरे के हाथ चली जाएंगी। इसलिए सायबर ठगी से बचने के लिए अवेयरनेस से बड़ा कोई ऑप्शन नहीं है। यह कहना था एनआईटी सिक्किम के प्रोफेसर डॉ संग्राम राय का।

वे एनआईटी के डिपार्टमेंट ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन की ओर से लैब 3 सेंटर कंम्प्यूटर सेंटर में आयोजित वर्कशॉप में बोल रहे थे। एआईसीटीई ट्रेनिंग एंड लर्निंग एकेडमी प्रोग्राम्स (अटल ) के अंतर्गत आयोजित वर्कशॉप में उन्होंने बताया कि नॉर्मल बातें हैं जिसे फॉलो करते जाएं तो ठगी से बच सकते हैं।

बात चाहे किसी बैंकर के फोन से ओटीपी पूछने की हो या लाटरी की सूचना पर किसी के बैंक अकाउंट पर पैसे डालने की। छोटी-छोटी बातों पर गौर करेंगे तो सायबर क्राइम से बच सकते हैं। कार्यशाला में डीन एकेडमिक्स डॉ शिरीष वर्मा, डॉ हरेंद्र बिकरोल, डॉ मिथिलेश अतुलकर, डॉ शोभा लता ने साइबर सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया।

वर्चुअल की बोर्ड का यूज इसलिए जरूरी
डॉ राय ने बताया कि किसी भी बैंकिंग प्रोसेस में वर्चुअल की-बोर्ड दिया रहता है लेकिन हम उसका यूज करते ही नहीं। जब कोई हमारे फोन या अकाउंट को हैक करता है डेटा वही ट्रांसफर होता है जो हम प्रेस करते हैं, अगर आप वर्चुअल कीबोर्ड का इस्तेमाल करें उसका डेटा या टाइप की गईं उस मोड में नहीं पहुंचती जैसा हैकर चाहता है। वचुर्अल की बोर्ड सराउंड होता रहता है।

विदेश में रेटीना और चेहरा पढ़ लेती है मशीन
डॉ राय मानते हैं, अवेयरनेस के मामले में हम पीछे हैं, टेक्नीक के लिहाज से भी आगे नहीं हैं। अब्रॉड में अब रेटीना स्कैन किया जाने लगा है। अगर आप एटीएम रुम गए तो वहां आपके चेहरे के खास एलिमेंट को कैमरा पढ़ लेता है। फॉरेन में कैश डिपॉजिट भी वही करता है जो जिसका एकाउंट है। हमारे यहां किसी-किसी बैंक के एटीएम में अंगूठा स्कैन किया जा रहा है।

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