छत्तीसगढ़ के पर्यटकों को पहली बार नॉर्थ एशियन टाइगर यहीं के जंगल सफारी में देखने को मिलेगा। जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इसके एक संबंध में एक पत्र छत्तीसगढ़ वन विभाग को भेजा है, जिसमें कहा गया है कि अगर कोलकाता के जू में रखे गए नार्थ-एशियन टाइगर को यहां रखने की तैयारी कर ली गई, तो उसे भेज दिया जाएगा। वन विभाग ने अथॉरिटी से गाइड-लाईन मांगी है, जिसके अनुसार यहां तैयारी पूरी की जा सके। वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि यह पत्र पिछले हफ्ते यहां आया। इसके जवाब देने मेंं विभाग ने विलंब नहीं की, क्योंकि यदि यहां नॉर्थ-एशियन टाइगर लाया गया तो राजधानी के जंगल सफारी के लिए यह एक बड़ा आकर्षण होगा। एशिया के सबसे बड़े सफारी में इस टाइगर का होना, इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा। अधिकारियों ने बताया कि जंगल सफारी का वातावरण नार्थ-एशियन टाइगर के अनुकूल है। इसलिए उसे यहां लाने की तैयारी हो रही है।
कोलकाता के उस नार्थ एशियन टाइगर को 2007 में श्रीलंका के एक जू से यहां लाया गया था। उस समय कोलकाता के जू से एक लॉयन श्रीलंका को दिया गया था। तब से वह कोलकाता में ही है। उसकी उम्र 16 साल बताई जा रही है।
सफारी के अधिकारियों ने बताया कि यहां के नंदनवन से दो लॉयन के बदले कानपुर के जू से दो टाइगर लाए जाएंगे। इसके लिए कागजी प्रक्रिया जारी है। जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है।
जू एंड सफारी डायरेक्टर अनिल सोनी ने बताया कि फिलहाल इसकी कागजी प्रक्रिया चल रही है। इसलिए यह कह पाना मुश्किल है, कि कब तक शिफ्टिंग हो पाएगी। हम चाहते हैं कि जल्द सारी तैयारियां पूरी हो जाए, ताकि यहां के पर्यटकों जल्दी जंगल सफारी में टाइगर देख सकें।