रायपुर

14 साल की शिकायतों के बाद जागा सिस्टम! छत से टपकता रहा पानी… अब रायपुर RDA को भरना होगा मुआवजा, आदेश जारी

Consumer Rights Chhattisgarh: रायपुर RDA की लापरवाही पर उपभोक्ता आयोग सख्त हुआ है। दुकान में सीपेज की समस्या दूर करने के साथ पीड़ित आवंटी को 1 लाख रुपये मुआवजा और 5 हजार रुपये कानूनी खर्च देने का आदेश दिया गया है।
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Updated: 24 Jun 2026, 5:38 PM IST
RDA Compensation Order
RDA Compensation Order: 14 साल की शिकायतों के बाद जागा सिस्टम(photo-AI)

RDA Compensation Order: छत्तीसगढ़ के रायपुर दुकान में लंबे समय से चली आ रही पानी रिसाव (सीपेज) की समस्या पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) को जिम्मेदार ठहराया है। आयोग ने आरडीए को निर्देश दिया है कि दुकान में हो रही सीपेज की समस्या का स्थायी रूप से समाधान किया जाए। इसके साथ ही पीड़ित आवंटी को मानसिक और आर्थिक परेशानी के लिए 1 लाख रुपये मुआवजा और 5 हजार रुपये कानूनी खर्च के तौर पर देने का आदेश जारी किया गया है।

Water Leakage Case: 2007 में खरीदी थी दुकान, शुरू से बनी रही समस्या

मामला न्यू राजेंद्र नगर स्थित गोविंद सागर व्यावसायिक परिसर की दुकान क्रमांक एस-79 से जुड़ा है। राजेंद्र नगर निवासी दिलीप पृथवानी ने 17 अक्टूबर 2007 को आरडीए से यह दुकान खरीदी थी। परिवादी के अनुसार, दुकान लेने के बाद ही छत और दीवारों से पानी रिसने और सीलन की समस्या शुरू हो गई थी। इसके बावजूद लंबे समय तक समस्या का समाधान नहीं किया गया।

2010 से 2024 तक छह बार की शिकायत, फिर भी नहीं मिली राहत

दिलीप पृथवानी ने बताया कि उन्होंने साल 2010 से 2024 के बीच आरडीए कार्यालय में छह बार लिखित शिकायतें दर्ज कराईं। इन शिकायतों पर आरडीए की पावती भी मौजूद थी। इसके बावजूद रिसाव की समस्या जस की तस बनी रही। परेशान होकर उन्होंने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।

आयोग ने माना- आरडीए की गंभीर लापरवाही

मामले की सुनवाई के दौरान आरडीए की ओर से अधिवक्ता उपस्थित हुए, लेकिन प्राधिकरण की तरफ से जवाबदावा या समस्या से जुड़े दस्तावेज पेश नहीं किए जा सके। आयोग ने पाया कि लगातार शिकायतों और कानूनी प्रक्रिया के बावजूद सीपेज की समस्या दूर नहीं की गई। आयोग ने इसे सेवा में कमी और गंभीर लापरवाही माना।

RDA को सीपेज ठीक करने के साथ देना होगा मुआवजा

जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुंडू और सदस्य डॉ. आनंद वर्गीस की पीठ ने मामले में आदेश जारी करते हुए आरडीए को दुकान में हो रहे पानी रिसाव का स्थायी निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा पीड़ित को मानसिक और आर्थिक क्षति के लिए 1 लाख रुपये तथा कानूनी खर्च के रूप में 5 हजार रुपये देने का आदेश दिया गया है।

उपभोक्ता के पक्ष में आया फैसला

आयोग ने मामले की सुनवाई के बाद आरडीए के खिलाफ दायर परिवाद को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए फैसला सुनाया। आदेश के तहत आरडीए को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में परिवादी दिलीप पृथवानी की ओर से अधिवक्ता गीता पनका ने पक्ष रखा, जबकि आरडीए की ओर से अधिवक्ता अंशुल मिश्रा ने पैरवी की।

Updated on:
24 Jun 2026, 5:38 PM IST
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