
Swine Flu: राजधानी समेत प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। पिछले दो दिन में रायपुर में 38 व प्रदेश में 85 नए संक्रमित मिले हैं। राहत की बात ये है कि पिछले 8 माह में किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या 122 पहुंच गई है।होम आईसोलेशन में 32 व अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या 90 है। डॉक्टरों के अनुसार स्वाइन फ्लू से रिस्क तो है, अगर समय पर इलाज नहीं हुआ तो। डायबिटीज व कैंसर के मरीजों के लिए काफी रिस्क है।
ऐसे लोग मॉस्क लगाकर बाहर जाएं। जरूरत पड़ने पर ही अस्पताल जाएं। बीमार हो तो जांच जरूर करवाएं। आंबेडकर व निजी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा है। वायरल फीवर के अलावा खांसी, सर्दी व सांस लेने में तकलीफ के मरीजों को एक बार जांच जरूर करवानी चाहिए। आने वाले दिनों में बीमारों की संख्या कम होने की संभावना है। जब मौसम खुल जाएगा। फिलहाल आइसाेलेटेड वार्ड में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
स्वास्थ्य विभाग के लिए राहत की बात यह है कि पिछले आठ महीनों में स्वाइन फ्लू से किसी मरीज की मौत दर्ज नहीं की गई है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने पर मरीज जल्दी स्वस्थ हो सकते हैं, लेकिन लापरवाही बरतने पर यह संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार बुजुर्गों के साथ-साथ डायबिटीज, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने और बाहर निकलते समय मास्क लगाने की सलाह दी जा रही है।
डॉक्टरों ने बताया कि वायरल फीवर के साथ अगर मरीज को लगातार खांसी, सर्दी, गले में खराश या सांस लेने में परेशानी हो रही है तो स्वाइन फ्लू की जांच जरूर करवानी चाहिए। राजधानी के आंबेडकर अस्पताल समेत कई निजी अस्पतालों में इसकी जांच की सुविधा उपलब्ध है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि बीमारी के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और उपचार से संक्रमण को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
डॉक्टरों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव और बारिश कम होने के बाद स्वाइन फ्लू के मामलों में कमी आ सकती है। फिलहाल अस्पतालों के आइसोलेशन वार्ड में मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग निगरानी बढ़ा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार संक्रमित मरीजों की स्थिति पर नजर रख रही हैं और लोगों को बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सावधानी और समय पर इलाज ही स्वाइन फ्लू से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।