Hypertension in Youth: रायपुर में 20 से 22 वर्ष के युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, पिछले 20 वर्षों में इन मामलों में लगभग 5 गुना वृद्धि हुई है, जिसका मुख्य कारण खराब जीवनशैली, जंक फूड और तनाव बताया जा रहा है।
Hypertension in Youth:पीलू राम साहू. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में युवाओं में हाइपरटेंशन के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, 20 से 22 वर्ष की आयु वर्ग में हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या पिछले 20 वर्षों में लगभग 5 गुना बढ़ गई है। पहले जहां इस उम्र में एक मरीज सामने आता था, अब करीब पांच मरीज सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि खराब जीवनशैली, जंक फूड का सेवन और तनावपूर्ण दिनचर्या इस बढ़ोतरी के मुख्य कारण हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जंक फूड का अधिक सेवन, लगातार तनाव, और शारीरिक गतिविधियों की कमी युवाओं में हाइपरटेंशन का मुख्य कारण बन रही है। प्रोसेस्ड फूड में नमक और तेल की अधिक मात्रा मोटापे को बढ़ाती है, जो सीधे तौर पर ब्लड प्रेशर को प्रभावित करती है। इसके अलावा देर रात तक जागना, मोबाइल का अधिक उपयोग और असंतुलित जीवनशैली भी इस समस्या को और गंभीर बना रही है।
डॉक्टरों के अनुसार हाइपरटेंशन केवल ब्लड प्रेशर की समस्या नहीं है, बल्कि यह हार्ट, ब्रेन और किडनी पर गंभीर असर डाल सकता है। हाई बीपी के कारण हार्ट की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं, जिससे हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है। वहीं ब्रेन स्ट्रोक और ब्रेन हेमरेज जैसी जानलेवा स्थितियां भी सामने आ सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर कई बार किडनी की बीमारी या हार्मोनल असंतुलन का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। इसलिए लगातार हाई बीपी रहने पर किडनी की जांच कराना जरूरी है। डॉक्टरों के अनुसार कई मामलों में अब मरीजों की संख्या इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि बीमारी की पहचान पहले की तुलना में जल्दी हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग के सर्वे के अनुसार हाइपरटेंशन मरीजों की संख्या में रायपुर पांचवें स्थान पर है। चौंकाने वाली बात यह है कि बेमेतरा, बालोद और नारायणपुर जैसे ग्रामीण जिले भी इस मामले में रायपुर से आगे निकल चुके हैं। यह दर्शाता है कि जीवनशैली में बदलाव का असर शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में समान रूप से देखने को मिल रहा है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में युवाओं में हाइपरटेंशन के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार 20 से 22 वर्ष की आयु वर्ग में हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या पिछले 20 वर्षों में लगभग 5 गुना बढ़ गई है। पहले जहां इस उम्र में एक मरीज सामने आता था, अब लगभग पांच मरीज सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जंक फूड का अधिक सेवन, तनावपूर्ण जीवनशैली और शारीरिक गतिविधियों की कमी इस बढ़ोतरी के मुख्य कारण हैं। प्रोसेस्ड फूड में अधिक नमक और तेल होने से मोटापा बढ़ता है, जो सीधे ब्लड प्रेशर को प्रभावित करता है।
डॉक्टरों के अनुसार हाइपरटेंशन केवल रक्तचाप की समस्या नहीं है, बल्कि यह हृदय, मस्तिष्क और किडनी पर गंभीर असर डाल सकता है। इससे हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर, ब्रेन स्ट्रोक और अन्य जानलेवा स्थितियों का खतरा बढ़ जाता है। कई मामलों में यह किडनी रोग या हार्मोनल असंतुलन का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। इसलिए लगातार हाई बीपी रहने पर समय पर जांच और इलाज बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों ने युवाओं को सलाह दी है कि वे संतुलित आहार लें, नियमित व्यायाम करें और तनाव से दूर रहें, ताकि इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सके।
विशेषज्ञों ने युवाओं को सलाह दी है कि वे जंक फूड से दूरी बनाएं, नियमित व्यायाम करें, तनाव को नियंत्रित करें और समय पर नींद लें। साथ ही समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच कराना भी जरूरी है ताकि किसी भी गंभीर स्थिति से बचा जा सके।