रायपुर

CG News: छत्तीसगढ़ में भर्ती परीक्षाओ से खिलवाड़, जिम्मेदारों पर अब तक कोई एक्शन नहीं, केवल एफआईआर तक कार्रवाई…

CG News: छत्तीसगढ़ माध्यमिक बोर्ड द्वारा आयोजित 12वीं की परीक्षा में हिंदी का पेपर लीक हो गया। पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी है। इसके लिए अलग जांच टीम बनाई गई है...

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Mar 19, 2026

CG News: @नारद योगी। प्रदेश में परीक्षा के नाम पर खिलवाड़ हो रहा है। चयन परीक्षाओं में गड़बड़ी के कई मामले सामने आ चुके हैं। अब स्कूली परीक्षा में भी पर्चा लीक के रूप में अव्यवस्था उजागर हुई है। इससे पहले एसएससी, पीएससी, व्यापमं की परीक्षाओं में कभी पर्चा लीक तो कभी दूसरों के स्थान पर परीक्षा देने जैसी गड़बडि़यां उजागर हो चुकी हैं। हाल ही में छत्तीसगढ़ माध्यमिक बोर्ड द्वारा आयोजित 12वीं की परीक्षा में हिंदी का पेपर लीक हो गया। पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी है। इसके लिए अलग जांच टीम बनाई गई है।

सरकारी विभाग से लीक हुआ पर्चा

12वीं की हिंदी का पर्चा किसी सरकारी कार्यालय से लीक हुआ है। हिंदी के प्रश्नपत्र से प्रश्नों को कॉपी में नोट किया गया है, फिर एक टेबल में रखकर उसका फोटो वायरल किया गया है। फोटो में दिख रहा टेबल आमतौर पर सरकारी स्कूलों या कार्यालयों में रहता है। इससे आशंका है कि यह किसी सरकारी कार्यालय से लीक हुआ है। पर्चा लीक करने के लिए टेलीग्राम ग्रुप बनाया गया था। मामला पुलिस के संज्ञान में आते ही टेलीग्राम ग्रुप को डिलीट कर दिया गया। इस कारण पुलिस को टेलीग्राम एडमिन का पता नहीं चल पा रहा है। हालांकि पुलिस ने इस ग्रुप से जुड़े कुछ छात्र-छात्राओं से पूछताछ की है।

छत्तीसगढ़ पीएमटी घोटाला

जून 2011 में छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित पीएमटी में बड़ा घोटाला हुआ था। इस परीक्षा के प्रश्न पत्र पहले से परीक्षार्थियों तक पहुंच गए थे। एक होटल में सभी नकल करते हुए पकड़े गए थे। इस मामले की जांच हुई तो परीक्षा एजेंसी के किसी भी कर्मचारी, अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई। इस कांड के अलावा दूसरे के स्थान पर बैठकर पीएमटी परीक्षा देने का खुलासा भी हो चुका है।

पीएससी घोटाला

छत्तीसगढ़ में लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में घोटाले के दो चर्चित मामले सामने आ चुके हैं। पहला घोटाला वर्ष 2003 में हुआ था। उस समय परीक्षार्थी वर्षा डोंगरे ने पूरे मामला का खुलासा करते हुए चयन प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला दिया था। इसी तरह वर्ष 2022 में भी पीएससी घोटाला हुआ, जिसमें अफसरों और नेताओं के रिश्तेदारों का चयन कर लिया गया। इस मामले की वर्तमान में सीबीआई जांच चल रही है।

भर्ती परीक्षा में नकल

जुलाई 2025 में सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा का आयोजन हुआ। इस दौरान बिलासपुर के सरकंडा में हाईटेक तरीके से नकल करने का भंडाफोड़ हुआ। इसमें बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने ब्लूट्रूथ, हिडन कैमरे आदि से नकल की थी। इसका खुलासा होने के बाद व्यापमं की परीक्षाओं में ड्रेस कोड लागू किया गया।

इंजीनियर भर्ती घोटाला

वर्ष 2011-12 में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में सिविल सब इंजीनियरों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया। इसमें 275 पदों पर भर्ती किया जाना था, लेकिन 383 सब इंजीनियरों को नियुक्ति दे दी गई थी। इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर न्यायालय में परिवाद दायर किया गया। न्यायालय ने इस मामले में पुलिस को एफआईआर करके जांच के आदेश दिए। इसके बाद सिविल लाइन थाना में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ 16 अप्रैल 2022 को एफआईआर दर्ज हुई। इसमें आज तक गिरफ्तारी नहीं हुई और न ही मामले की विस्तृत जांच की गई। चयन समिति के आला अफसरों की भूमिका भी आज तक तय नहीं की गई है।

गेट की परीक्षा में मुन्नाभाई मिले

पिछले दिनों सरोना स्थित ऑनलाइन परीक्षा सेंटर में गेट की परीक्षा आयोजित हुई थी। इस दौरान परीक्षार्थी के स्थान पर परीक्षा देने वाले 6 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोपी हरियाणा के रहने वाले थे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी एसएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा पकड़ में आ चुका है।

व्यापमं, एसएससी या अन्य परीक्षाओं में हुई गड़बडि़यों की जांच केवल एफआईआर तक सिमट गई है। इसके असली जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती है। पंचायत विभाग में सब इंजीनियरों की भर्ती में गड़बड़ी के मामले में आज तक विस्तृत जांच और कार्रवाई नहीं की गई है।

12वीं के पर्चा लीक मामले में एफआईआर दर्ज करके जांच की जा रही है। जल्द ही इससे जुड़े आरोपियों को पकड़ा जाएगा।

  • उमेश कुमार गुप्ता, डीसीपी, सेंट्रल जोन, रायपुर
Published on:
19 Mar 2026 05:01 pm
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