Raipur Skywalk Project: रायपुर में 77 करोड़ का स्काई वॉक प्रोजेक्ट 8 साल बाद भी अधूरा है, जहां जर्जर और जंग लगी सामग्री से निर्माण होने पर गुणवत्ता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
Raipur Skywalk Project: छत्तीसगढ़ के रायपुर शहर के सीने पर बोझ बना जिद का स्काई वॉक, 77 करोड़ रुपए से भी अधिक की लागत में तैयार हो रहा है। पिछले 8 साल में इसका 50 प्रतिशत भी काम नहीं हो पाया है। हालत यह है कि सड़े-गले टीन शेड, जंग लगी छड़ में इसका बेस बन रहा है।
जबकि इस साफ तौर पर कहा गया है कि पुरानी खराब चीजों को बदलकर सही तरीके से निर्माण किया जाए। लेकिन पीएसएए कंट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड की ओर से जगह-जगह छेद वाले टीन शेड, जंग लगी छड़ में ही ढलाई कराई जा रही है। इससे भविष्य में यह किसी बड़ी दुर्घटना का कारण भी बन सकता है।
वहीं, इस पूरे कंट्रक्शन के दौरान पीडब्लूडी के जिम्मेदार अधिकारी भी गायब हैं, ना ये जांच करने पहुंचते हैं, ना ही इन्हें किसी तरह के काम की जानकारी है। जिम्मेदार ही इसकी देखरेख नहीं कर रहे हैं, अब यह स्काई वॉक भगवान भरोसे है।
पिछले 8 सालों से स्काई वॉक का निर्माण कार्य चल रहा है। हालांकि कांग्रेस सरकार के समय इस पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया था। लेकिन 2023 में भाजपा की सरकार आते ही फिर से इसका काम शुरू किया गया। लेकिन इसकी लागत 77 करोड़ पार हो गई।
दरअसल 21 मई 2025 से फिर से काम शुरू किया गया था। जिसे 20 अप्रैल 2026 तक पूरा करना था। लेकिन कई जगह ढलाई, टाईल्स, हूड पाइप, सीढी सहित अन्य काम हुए हैं। लेकिन इसकी गुणवत्ता को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि बिना जिम्मेदारों की देखरेख में काम चल रहा है।
सवाल- स्काई वॉक को पूरा करने का लक्ष्य कब तक था?
जवाब- अप्रैल में पूरा किया जाना था, पर अभी इसमें समय लगेगा।
सवाल- सड़े हुए टीन शेड और जंग लगी छड़ के बेस में तैयार हो रहा है स्काई वॉक?
जवाब- ऐसा नहीं है सब सही से तैयार किया जा रहा है, पुरानी चीजों को बदल रहे हैं।
सवाल- लक्ष्य से इतना लेट बन रहा है, तो क्या बनाने वाली कंपनी पर पेनाल्टी लगेगी?
जवाब- अब यह देखना पड़ेगा कि कहां, किसके कारण देरी हुई है। सभी गुणवत्ता के आधार पर डिसाइड किया जाएगा।