
रायपुर. राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन से यात्री बेधड़क ट्रेनों में सफर कर रहे हैं और ट्रेन से उतरकर घर पहुंच रहे हैं। परंतु शनिवार को दोनों मुख्य प्रवेश द्वार पर जांच की प्रक्रिया नहीं हो पाई। जबकि कोरोना विस्फोट के कारण राजधानी दहल रही है। दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ राज्य से ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए राजस्थान, उत्तराखंड के बाद अब ओडिशा सरकार ने यह अनिवार्य कर दिया है कि उनके क्षेत्र के स्टेशनों में उतरने वाले यात्री के पास आरटी-पीसीआर रिपोर्ट निगेटिव नहीं होने पर उन यात्रियों को सीधे क्वारंटाइन सेंटर में भेज दिया जाएगा। इस संबंध में South East Central Railway के सभी रेल मंडलों को अवगत करा दिया है।
दूसरे राज्यों की सरकारों ने कोरोना महामारी के मद्देनजर सख्ती शुरू कर दी है। शुक्रवार को प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल ने स्टेशन और एयरपोर्ट में यात्रियों की जांच आरटी-पीसीआर से कराने आदेश दिया था, लेकिन जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अभी इस पर अमल नहीं किया है। इसलिए स्टेशन परिसर में जांच शुरू नहीं हो सकी। इस संबंध में स्टेशन प्रबंधन का कहना है कि एडिशन कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संपर्क कर स्टेशन में कोरोना जांच की टीमें तैनात करने का आग्रह किया है। परंतु यह नहीं हो सका। जानकारी मिली है कि अमले की कमी हैं, इसलिए स्टेशन में जांच प्रक्रिया चालू नहीं हो पाई है। अभी एक से दो दिन का वक्त लग सकता है।
ओडिशा सरकार का भी फरमान रायपुर रेल मंडल में पहुंचा। जिसमें कहा गया है कि 10 अप्रैल से लागू कर दिया है। ट्रेन से ओडिशा आने वाले यात्री के पास कोरोना जांच रिपोर्ट नहीं होने पर उसे सीधे क्वारंटाइन सेंटर में दाखिल कर दिया जाएगा। इससे पहले राजस्थान और उत्तराखंड सरकार का फरमान पहुंचा था। जबकि यहां से हजारों लोग सफर करते हैं। उन्हें इन तीनों राज्यों में उतरने पर दिक्कतें हो सकती हैं।
रायपुर के स्टेशन डायरेक्टर बीवीटी राव ने कहा, स्टेशन में कोरोना खतरे को देखते हुए जागरुकता के सभी तरीके अपनाए गए हैं। दोनों यात्री गेट पर कोरोना जांच कैम्प के लिए एडिशनल कलेक्टर और सीएमएचओ से बात की है। एक-दो दिन में जांच शुरू करने की सूचना मिली है।