
Saavan 2023 : . राजधानी से 148 किलोमीटर दूर छत्तीसगढ़ का खजुराहों भोरमदेव में एक शिव मंदिर स्थित है। मैकल पर्वतों के बीच प्रकृति की गोद में भोरमदेव मंदिर की अद्भुत छटा देखने को मिलती है। पर्यटकों के लिए यह मंदिर आकर्षण एक केंद्र हैं। इतिहासकारों के अनुसार ये मंदिर 11 वीं सदी में बनवाया गया था। इस मंदिर में शिव, दुर्गा भैरव और हनुमान जी की प्राचीन कला से निर्मित मूर्तियां भी हैं।सावन के पावन महीने में भोरमदेव में भस्म आरती की गई। देखिए ये दुर्लभ नजारा
भोरमदेव से आधा किलोमीटर दूर मंडवा महल स्थित है। जहां एक और प्रसिद्ध शिव मंदिर है। जिससे सम्बंधित ये मान्यता है कि यहां विवाह संपन्न कराए जाते है। चुकीविवाह में मंडप उपयोग किए जाते है इसलिए इसका नाम मंडवा महल है। इसकी एक और खासियत है इसका कलाकृतियां।
यहां की बाहरी दीवारों पर मैथुन क्रिया की मूर्तियां बनी हैं। मंदिर का गर्भद्वार काले चमकदार पत्थरों से बना हुआ है , जो उसकी खूबसूरती बढ़ाता हैं। मंडवा महल की इस सुंदरता के कारण ही वर्षभर पर्यटक श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। जो लोगों को आकर्षित करता है। सोमवार के दिन यहां जाकर दर्शन करने पर मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है।