रायपुर

पत्रिका के संतराम साहू को उत्कृष्ट संसदीय पत्रकार का सम्मान, उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने दी बधाई

Chhattigarh News: छत्तीसगढ़ विधानसभा की उत्कृष्ट संसदीय रिपोर्टिंग सम्मान के लिए पत्रिका समाचार पत्र समूह के संतराम साहू (प्रिंट मीडिया) का चयन हुआ है..
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Jul 14, 2026
Chhattisgarh news
पत्रिका समाचार पत्र समूह के पत्रकार संतराम साहू ( Photo - Patrika )

Chhattisgarh Vidhan Sabha News: छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने उत्कृष्टता पुरस्कारों की घोषणा की। 2025 में उत्कृष्ट विधायक के रूप में सत्तापक्ष के विधायक धरमलाल कौशिक और विपक्ष के विधायक राघवेन्द्र कुमार सिंह का चयन किया गया। वहीं, उत्कृष्ट संसदीय पत्रकार के लिए प्रिंट मीडिया से पत्रिका के संतराम साहू और इलेक्ट्रानिक मीडिया से सौरभ सिंह परिहार व राजेश राज का चयन किया गया। यह पुरस्कार 15 जुलाई को दिया जाएगा।

Chhattisgarh News: उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने दी बधाई

उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने सोशल मीडिया के जरिए बधाई दी। लिखा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा की उत्कृष्ट संसदीय रिपोर्टिंग सम्मान के लिए पत्रिका समाचार पत्र समूह के संतराम साहू (प्रिंट मीडिया), IBC24 न्यूज चैनल से संयुक्त रूप से सौरभ परिहार एवं राजेश राज (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) का चयन हुआ है। आप तीनों पत्रकार साथियों को इस महत्वपूर्ण सम्मान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। यह आपकी निष्पक्ष, जिम्मेदार एवं जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता का गौरवपूर्ण सम्मान है। आप आगे भी अपनी लेखनी और पत्रकारिता के माध्यम से समाज को जागरूक करते रहें।

पद्म विभूषण पंडवानी गायिका डॉ. तीजनबाई को दी गई श्रद्धांजलि

विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को पद्म विभूषण पंडवानी गायिका डॉ. तीजनबाई के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सदन की कार्रवाई शुरू होते ही विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने दिवंगत पंडवानी गायिका डॉ. तीजनबाई का जीवन परिचय दिया और लोककला क्षेत्र के उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि पंडवानी की कापालिक शैली को नई पहचान देने वाली तीजन बाई विधानसभा में लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि डॉ. तीजनबाई के निधन से छत्तीसगढ़ ने अपनी लोकसंस्कृति का एक अनमोल रत्न खो दिया है। उनके जाने से कला एवं सांस्कृतिक जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने पंडवानी गायन की कापालिक शैली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और अपनी विलक्षण प्रतिभा से लोककला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनकी प्रस्तुतियों में गायन और अभिनय का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता था। पात्रों का सजीव चित्रण, ओजपूर्ण वाणी और प्रभावशाली प्रस्तुति श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देती थी।

Updated on:
14 Jul 2026 01:12 pm
Published on:
14 Jul 2026 01:12 pm