रायपुर

RTE Admission: RTE पर सख्त हुई छत्तीसगढ़ सरकार, प्रवेश न देने वाले स्कूलों की मान्यता होगी रद्द

RTE Admission: छत्तीसगढ़ सरकार ने RTE के तहत बच्चों को प्रवेश नहीं देने वाले निजी स्कूलों को सख्त चेतावनी दी है। नियमों का उल्लंघन करने पर स्कूलों की मान्यता रद्द की जा सकती है।

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Apr 07, 2026
RTE पर सख्त हुई छत्तीसगढ़ सरकार (photo source- Patrika)

RTE Admission: छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा के अधिकार कानून (RTE) को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए निजी स्कूलों को स्पष्ट चेतावनी दी है। सरकार ने कहा है कि यदि कोई भी स्कूल RTE के तहत निर्धारित सीटों पर बच्चों को प्रवेश देने से इंकार करता है, तो उसकी मान्यता तक रद्द की जा सकती है। यह फैसला तब सामने आया है जब प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग को लेकर RTE के तहत प्रवेश नहीं देने की बात कही थी।

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RTE Admission: सरकार का कड़ा संदेश

राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि RTE कानून का पालन करना सभी निजी स्कूलों की कानूनी जिम्मेदारी है। नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें स्कूल की मान्यता खत्म करना भी शामिल है। शिक्षा विभाग ने यह भी कहा है कि बच्चों के अधिकारों से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

25% सीटें आरक्षित, गरीब बच्चों को मिलेगा लाभ

RTE के तहत प्रदेश के गैर-अनुदान प्राप्त निजी स्कूलों में प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। इन सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), दुर्बल वर्ग और वंचित समूह के बच्चों को उनके निवास क्षेत्र के भीतर प्रवेश दिया जाता है, जिससे उन्हें बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सके।

प्रतिपूर्ति राशि को लेकर सरकार का पक्ष

सरकार का कहना है कि छत्तीसगढ़ में दी जा रही प्रतिपूर्ति राशि अन्य कई राज्यों के मुकाबले बेहतर या उनके बराबर है। कक्षा 1 से 5 तक: ₹7,000 प्रतिवर्ष, कक्षा 6 से 8 तक: ₹11,400 प्रतिवर्ष, यह राशि प्रति छात्र सरकारी खर्च या निजी स्कूल की फीस (जो कम हो) के आधार पर तय की जाती है और पारदर्शी तरीके से स्कूलों को दी जाती है।

अन्य राज्यों से तुलना

सरकार के अनुसार, छत्तीसगढ़ की प्रतिपूर्ति राशि कई राज्यों से अधिक है: मध्य प्रदेश: ₹4,419, बिहार: ₹6,569, झारखंड: ₹5,100, उत्तर प्रदेश: ₹5,400, हालांकि ओडिशा, राजस्थान, महाराष्ट्र और कर्नाटक में यह राशि अधिक है, लेकिन कुल मिलाकर राज्य की व्यवस्था संतुलित मानी जा रही है।

लाखों बच्चों को मिल रहा फायदा

प्रदेश के 6,862 निजी स्कूलों में वर्तमान में लगभग 3,63,515 बच्चे RTE के तहत पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं इस साल कक्षा पहली में करीब 22,000 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया जारी है, जिससे और अधिक बच्चों को इसका लाभ मिलने वाला है।

RTE Admission: शिक्षा के अधिकार को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता

निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009, अप्रैल 2010 से लागू है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का कहना है कि वह हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और गरीब व वंचित वर्ग के बच्चों के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई

सरकार ने स्पष्ट किया है कि RTE के तहत प्रवेश देने से मना करने या प्रक्रिया में बाधा डालने वाले स्कूलों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें मान्यता समाप्त करना भी शामिल है। साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

Updated on:
07 Apr 2026 01:16 pm
Published on:
07 Apr 2026 01:15 pm
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