रायपुर

विधानसभा का मानसून सत्र: दूसरे दिन आक्रामक तेवर के साथ सदन से विपक्ष ने किया वॉकआउट

विपक्ष ने कहा- 1271 किसानों ने की आत्महत्या कृषि मंत्री बोले- कर्ज से सिर्फ सात की हुई मौत

2 min read
Jul 04, 2018
vidhansabha
विधानसभा का मानसून सत्र: दुसरे दिन आक्रामक तेवर के साथ सदन से विपक्ष ने किया वॉकआउट

रायपुर . मॉनसून सत्र के दूसरे दिन भी विपक्ष का आक्रामक तेवर बरकरार रहा। किसानों की आत्महत्या के मसले पर स्थगन प्रस्ताव के नामंजूर किए जाने पर विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा मचाया और सदन से वॉकआउट कर दिया।

शून्यकाल के दौरान कांग्रेस सदस्य भूपेश बघेल ने आसंदी से किसानों की आत्महत्या के मसले पर दिए गए स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी नीतियों की वजह से किसान लगातार कर्ज में डूब रहे हैं और आत्महत्या करने को मजबूर हैं। कांग्रेस ने अपने स्थगन प्रस्ताव में जिक्र किया कि वर्ष-2015 से लेकर जून-2017 तक प्रदेश में 1271 किसानों ने आत्महत्या की है। विधायक धनेंद्र साहू ने कहा कि दो सालों में प्रदेश लगातार सूखे की चपेट में भी रहा है। किसानों को न तो फसल बीमा का लाभ मिल पाया है और न ही सूखा राहत की राशि मिल पाई है। शासन की ओर से कृषि मंत्री ने यह मानने से इनकार किया कि प्रदेश के किसान कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष-2015 से लेकर 25 जून-2018 की अवधि में कर्ज से महज ७ एवं अन्य कारणों से 3 किसानों की मृत्यु हुई है।

उन्होंने स्थगन प्रस्ताव में उल्लेखित किसानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कृषि मंत्री ने बताया कि बोडला इलाके सुशील अहिरवार की मृत्यु जमीन को बेचने से संबंधित थी जबकि थान खम्हरिया इलाके के धनेश्वर साहू की मौत की वजह चारपहिया वाहन के किश्त का बाकी होना था। ग्राम पिपरिया के सुरेश मरावी के आत्महत्या की वजह ऋणग्रस्तता नहीं थी।

निजी अस्पतालों को ब्लड नहीं, मामला उठा
विधानसभा में सरकारी अस्पताल के ब्लड बैंक से निजी अस्पतालों को ब्लड नहीं दिए जाने का मामला विधायक विमल चोपड़ा ने उठाया। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र महासमुंद इलाके का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के सरकारी अस्पताल निजी अस्पतालों को ब्लड देने से इंकार करते हैं। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने बताया कि पूरे प्रदेश में कुल 24 सरकारी अस्पतालों में ब्लड बैंक की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों को यह निर्देशित किया गया है कि वे जरूरत पर निजी अस्पतालों को भी ब्लड़ की सुविधा मुहैया कराएं।

Updated on:
04 Jul 2018 10:34 am
Published on:
04 Jul 2018 09:28 am