
रायपुर . प्रदेश में सर्व शिक्षा अभियान के तहत शासकीय स्कूलों में पढ़ाने वाले 90 हजार शिक्षाकर्मियों को नवम्बर का वेतन नहीं मिल पाया है। बताया जाता है कि राज्य शासन से आवंटन नहीं होने के कारण वेतन नहीं मिल पाया है। इसे लेकर शिक्षकार्मियों ने नाराजगी है। इधर, धरसींवा विकासखंड में भी शिक्षाकर्मियों को तीन माह से वेतन नहीं मिला है।
शिक्षक मोर्चा के प्रदेश संचालक संजय शर्मा ने बताया कि पिछले दिनों आबंटन जारी करने की मांग को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव विकासशील और सर्व शिक्षा अभियान के डायरेक्अर मयंक बरबड़ से भी मुलाकात की गई थी। इसके बावजूद आज तक शिक्षाकर्मियों के खााते में वेतन नहीं आया है। शर्मा ने कहा नए साल में सभी के मन में उत्साह व उमंग रहता है, लेकिन शिक्षाकर्मियों के मन में वेतन नहीं मिलने का मलाल रहेंगे।
मोर्चा के कार्तिक गायकवाड़ ने बताया कि अभी धरसींवा विकासखण्ड के बहुत से शिक्षाकर्मियों पिछले तीन माह का वेतन नहीं मिला है। अफसरों का कहना है कि शिक्षाकर्मियों के वेतन के लिए लगातार प्रयास किया जाता है, लेकिन केंद्र सरकार से राशि नहीं मिल पाने की वजह से शिक्षाकर्मियों को समय पर वेतन का भुगतान नहीं हो पाता है।
मध्यप्रदेश के अध्यापकों को सीखा आंदोलन का गुर
मोर्चा के संयोजक वीरेन्द्र दुबे ने 31 दिसम्बर को मध्यप्रदेश के नरसिंगपुर में आयोजित आध्यापकों के सम्मेलन में शिरकत की और वहां कुशल आंदोलन के गुर सीखाएं। मालूम हो कि अविभाजित मध्यप्रदेश के समय से ही शिक्षकों का पद ड्राइंग कैडर घोषित कर शिक्षाकर्मियों की भर्ती की गई थी। अब दोनों स्थानों पर शिक्षाकर्मियों से जुड़ी समस्याएं लगभग एक समान है।