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सब्जी बेचकर लौटते जंगल में मौत से हो गया सामना, फिर टुकड़ों में बिखरी मिली लाश

सब्जी बेचने निकला ग्रामीण 2 दिन तक नहीं लौटा था घर, हाथियों ने कुचलकर ले ली जान
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Dead body

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पोड़ी मोड़. प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में हाथियों ने आतंक मचा रखा है। आए दिन हाथी किसी न किसी की जान ले रहे हैं। इसी कड़ी में हाथियों ने सब्जी बेचकर शुक्रवार की शाम घर लौट रहे एक ग्रामीण को कुचलकर मार डाला। जब ग्रामीण रातभर घर नहीं पहुंचा तो उसकी खोजबीन शुरु हुई। दूसरे दिन भी उसका कहीं पता नहीं चला।

जब परिजन रविवार की सुबह प्रतापपुर-गोपालपुर मार्ग के सिलफिली जंगल में पहुंचे तो उसकी जगह-जगह बिखरी लाश मिली। सूचना पर वन विभाग के मौके पर 4 घंटे देर से पहुंचने पर क्षेत्र के ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। उन्होंने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर नारेबाजी भी की।


सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड के ग्राम मुरका निवासी रहमुद्दीन पिता नजबुद्दीन 45 वर्ष सब्जी बेचने का काम करता था। वह शुक्रवार को प्रतापपुर साप्ताहिक बाजार में आलू बेचने के लिए निकला था, जिसके बाद वह घर नहीं पहुंचा। शनिवार को उसके परिजन एवं गांव के कुछ लोग उसे ढूंढने के लिए प्रतापपुर की ओर निकले, परंतु काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल पाया।

रविवार की सुबह फिर उसे ढूंढने के लिए परिजन व ग्रामीण निकले तो प्रतापपुर से 5 किलोमीटर दूर गोपालपुर-मुरका मार्ग में करसी के पास सिलफिली के जंगल में सड़क किनारे उसकी साइकिल पड़ी मिली मिली। ग्रामीणों ने जब आस-पास उसकी खोजबीन शुरू की तो सड़क से 200 मीटर भीतर उसकी टुकड़ों में जगह-जगह बिखरी लाश मिली।

हाथियों ने घर लौटने के दौरान उसे कुचलकर मार डाला था। शव मिलने की सूचना ग्रामीणों ने प्रतापपुर वन विभाग को दी लेकिन काफी देर तक वे नहीं पहुंचे। सीसीएफ के निर्देश के बाद वन अमला वन विभाग के कर्मचारी करीब 10.30 बजे मौके पर पहुंचे। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर घंटों किया चक्काजाम कर विभाग के खिलाफ जमकर की नारेबाजी की।


हाथियों के आतंक से थर्राया सरगुजा संभाग
सरगुजा संभाग इन दिनों हाथियों के आतंक से थर्राया हुआ है। हाथियों ने गांव में पहुंचकर घर मकान फसल व अन्य संपत्ति को भारी क्षति पहुंचाने के साथ साथ जनहानि भी कर रहे हैं। हाथियों के आतंक से ग्रामीण काफी भयभीत हैं वे दिन-रात हाथियों से बचने के उपाय व इन्हें अपने गांव से दूर भगाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं।

पिछले एक माह से हाथियों की दस्तक से लोग दहशत में जी रहे हैं। ग्रामीण अपने खेत खलिहानों व घरों को छोड़कर अपनी अपनी जान माल की सुरक्षा करने में लगे हुए हैं।


53 हाथियों का है दल
प्रतापपुर क्षेत्र की ओर से पहुंचे 24 हाथियों का दल आतंक मचा ही रहा था कि पिछले सप्ताह धौरपुर रेंज से भी 28 हाथियों का दल राजपुर रेंज में पहुंचकर उत्पात मचाना शुरु कर दिया। 53 हाथियों का समूह अब गोपालपुर सर्किल के दुप्पी-चौरा के जंगलों में डटे हुए हैं। हाथियों ने शनिवार की रात लोधीडांड़ मां व उसके मासूम बेटे को कुचलकर मार डाला था।

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