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शहर से गांव की ओर लौटे 35 हाथी, जाते-जाते रौंद डाली किसानों की गाढ़ी मेहनत

बरमपुर व अखराडांड़ में नुकसान का आंकलन करने में जुटा विभाग, मधुमक्खी पालन योजना हाथियों को गांवों में आने से रोकेगा
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Elephants crushed crops

Elephants crushed crops

बैकुंठपुर. नगर निगम एरिया चिरिमिरी के गोदरीपारा से 16 हाथियों का दल खडग़वां लौट गया है। इस दौरान रास्ते में ग्राम पंचायत अखराडांड़ व बरमपुर में 8 किसानों के केला, आलू व अरहर की फसल को नुकसान पहुंचाया। मामले में फॉरेस्ट अमले ने फसलों के नुकसान का आंकलन शुरू कर दिया है। वहीं गांव व शहरी एरिया में आने से जंगली हाथियों के दल को रोकने के लिए हाथी रेस्क्यू सेंटर व मधुमक्खी पालन करने का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजा गया है।


जानकारी के अनुसार करीब एक सप्ताह पहले 30-35 हाथियों का दल कटघोरा से कोरिया के खडग़वां वनपरिक्षेत्र में पहुंचा था। सोमवार-मंगलवार को नगर निगम चिरमिरी के गोदरीपारा इलाके पर 16 हाथी पहुंच गए थे। जिससे फॉरेस्ट अमला जंगली हाथियों को जंगल की ओर भेजने के लिए रास्ते की तलाश में जुटा रहा है और सुरक्षा के लिहाज से फॉरेस्ट गार्ड को तैनात कर दिया था।

चिरिमिरी एरिया से हाथियों का दल खडग़वां वनपरिक्षेत्र में लौट गया है। वर्तमान में खडग़वां के जंगल एरिया में विचरण कर रहे हंै। इस दौरान ग्राम पंचायत अखराडांड़ व बरमपुर में 8 किसान के अरहर सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचाया है।

मामले में फॉरेस्ट अमले ने फसलों के नुकसान का आंकलन शुरू कर दिया है। ग्रामीण रिहायशी इलाकों में हाथियों के पहुंचने की खबर मिलने पर कलेक्टर, वनमण्डलाधिकारी सहित वन अमला मौके पर पहुंच कर हाथियों के मूवमेंट पर नजर बनाए हुए हैं।


आलू, केला व अरहर को नुकसान
वन विभाग के अनुसार ग्राम पंचायत अखराडांड़ व बरमपुर में 8 किसानों के फसलों को नुकसान पहुंचाने की सूचना मिली है। इससे तत्काल फॉरेस्ट अमला ने फसलों के नुकसान का आंकलन शुरू कर दिया है। रिपोर्ट मिलने के बाद मुआवजा देने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। किसानों का कहना है कि खेत में लगे आलू, केला सहित कुछ सब्जियों को हाथियों ने नुकसान पहुंचाया है।


30-35 हाथियों का दल, दो दल में बंट गए
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि 16 हाथियों का दल चिरमिरी से निकलकर खडग़वां वनपरिक्षेत्र में चले गए हैं। ग्रामीणों ने शनिवार रात रतनपुर के ग्राम पंचायत चोपन के गेल्हापानीपारा में हाथियों के चिंघाडऩे की आवाज सुनी थी। कुछ ग्रामीण हिम्मत कर अपने घरों से बाहर निकले तो देखा कि दो दर्जन से अधिक हाथी जंगल में विचरण कर रहे थे।

हाथियों का यह दल खडग़वां के रास्ते से रतनपुर, कोटेया, जिल्दा, भरदा, तामडांड़, कोडांगी सहित जंगल में भ्रमण कर रहा है। दल में 30-35 हाथी शामिल हैं। जिसमे 6 बच्चे होने का अनुुमान है।


हाथी रेस्क्यू सेंटर के लिए भेजा गया है प्रस्ताव
कोरिया में हाथी रेस्क्यू सेंटर के लिए राज्य शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। किसानों को हाथियों से निजात दिलाने के लिए गांव से लगे जंगलों के आस-पास मधुमक्खी पालन कराया जाएगा। मधुमक्खियों के डर से हाथी गांवों का रुख नहीं करेंगे।
इमो तेमसू आओ, डीएफओ कोरिया

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