हाईपावर कमेटी की बैठक से पहले शिक्षाकर्मियों ने सरकार से दो टूक कह दिया है कि अब संविलियन से कम में कोई बता नहीं बनेगी।
रायपुर . हाईपावर कमेटी की बैठक से पहले शिक्षाकर्मियों ने सरकार से दो टूक कह दिया है कि अब संविलियन से कम में कोई बता नहीं बनेगी। शिक्षाकर्मियों की इस चेतावनी के बाद एक बार फिर सरकार और शिक्षाकर्मियों के बीच टकराव बढऩे की आशंका बढ़ गई है।
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वहीं, दूसरी और प्रदेश के शिक्षाकर्मी जिस मध्यप्रदेश की घोषणा के आधार पर संविलियन के लिए जोर मार रहे हैं, उसका अब तक खाका ही तैयार नहीं हो सका है। एेसे में 1 मई को हाईपावर कमेटी और शिक्षाकर्मियों के बीच होने वाली बैठक में समस्या का हल निकलना मुश्किल नजर आ रहा है।
शिक्षक मोर्चा के प्रदेश संचालक संजय शर्मा ने स्पष्ट कह दिया है कि 1 मई को होने वाली बैठक आखिरी बैठक होनी चाहिए। यदि इसके बाद भी शिक्षाकर्मियों की भलाई के लिए कोई रास्ता नहीं खुलता है तो आगे प्रतिकार होगा।
उन्होंने कहा प्रदेश के एक लाख 80 हजार शिक्षाकर्मियों को अब कोई आश्वासन नहीं चाहिए, बल्कि संविलियन और शिक्षकों का संपूर्ण सम्मान चाहिए। शर्मा ने कहा, अन्य राज्यों में बनाए गए संविलियन के लिए केवल सरकार को अपनी इच्छाशक्ति मजबूत करने की आवश्यकता है। सरकार सीधे संविलियन का आदेश देकर मिशल बन सकती है।
जून में महासम्मेलन के लिए सीएम को न्यौता
इधर, शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष नन्हीदास दीवान के नेतृत्व में एक 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मुलाकात की और उन्हें महासम्मेलन का न्यौता दिया। मुख्यमंत्री ने जून के दूसरे सप्ताह में सम्मेलन में शामिल होने की सैद्धांतिक सहमति दे दी है।
दीवान ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ संविलियन सहित अन्य मुद्दे को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई है। इसके अलावा उन्हें संगठन की जानकारियों से भी अवगत कराया गया है। उन्होंने बताया कि संविलियन के लिए महासंघ आम लोगों के बीच पहुंचकर हस्ताक्षर अभियान चला रहा है। इसका प्रतिवेदन भी मुख्यमंत्री को सौंपा गया है।