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शिक्षाकर्मियों को छोड़ सरकार कर रही शिक्षकों के संविलियन की तैयारी

शिक्षाकर्मियों के संविलियन की मांग के बीच आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग शिक्षकों का संविलियन करने की तैयार कर ली है।

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शिक्षाकर्मियों को छोड़ सरकार कर रही शिक्षकों के संविलियन की तैयारी

रायपुर . शिक्षाकर्मियों के संविलियन की मांग के बीच आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग शिक्षकों का संविलियन करने की तैयार कर ली है। इसके लिए विभाग ने स्कूल शिक्षा विभाग के व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षकों से 25 अप्रैल तक आवेदन मंगाए हैं। इसके तहत पहली बार नियमित शिक्षकों को पूर्णकालिक अधीक्षक बनने का मौका दिया जाएगा।

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विभाग के संचालक ने शुक्रवार को आदेश जारी कर आवेदन मंगाए हैं। आदेश के मुताबिक इच्छुक उम्मीदवारों को सात दिन के भीतर आवेदन करना होगा। विभाग ने अ, ब, स और द श्रेणी के हिसाब से आवेदन मंगाए हैं। बताया जाता है कि आश्रम और छात्रावास के पदों को सरकार ने गैर शैक्षणिक संवर्ग में रखा है। जिसके चलते लगातार इन पदों पर नियुक्ति के लिए रुझान कम हो गया है।

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भर्ती के बाद भी नहीं मिले योग्य उम्मीदवार
आदिम जाति कल्याण विभाग में अनुसूचित जनजाति के 2764 प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रावास व आश्रम का संचालन होता है। इसी प्रकार अनुसूचित जाति के 482 प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रावास व आश्रम संचालित है। अधीक्षकों की कमी को देखते हुए विभाग ने 2016 में छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल के जरिए द श्रेणी के रिक्त 819 पदों की भर्ती परीक्षा करवाई थी। इस परीक्षा के बाद भी अधिकांश जगहों पर योग उम्मीदवार नहीं मिल सके।

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हाइपावर कमेटी ने गठित की और कमेटी
बतादें कि शिक्षाकर्मियों की मांगों के लिए गठित हाइपावर कमेटी ने एक और 4 सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। यह कमेटी राजस्थान का दौरा कर वहां के शिक्षाकर्मियों को मिलने वाली सुविधाओं का अध्ययन करेगी। इसे लेकर छत्तीसगढ़ के शिक्षाकर्मियों ने नाराजगी जताई थी। शिक्षाकर्मी संघों के नेताओं का आरोप लगाते हुए कहा था कि सरकार केवल समय खराब करने के लिए कमेटी गठित कर रही है। जबकि, हाइपावर कमेटी को जो दस्तावेज सौंपे गए हैं, उसमें राजस्थान सरकार के फैसलों और आदेश की कॉपी भी शामिल है।