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अच्छी खबर: शिक्षाकर्मियों के लिए खुला पदोन्नति का रास्ता, 12 से 15 हजार बढ़ जाएगी सैलरी

छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षाकर्मियों की पदोन्नति की लंबित मांग के लिए नए सिरे से कवायद शुरू की है।लोकशिक्षण संचालनालय ने रिक्त पदों की जानकारी मांगी है।
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रायपुर . छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षाकर्मियों की सालों से पदोन्नति की लंबित मांग के लिए नए सिरे से कवायद शुरू की है। 'पत्रिका' की खबर के बाद लोकशिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीइओ) से रिक्त पदों की जानकारी मांगी है।

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दरअसल, शिक्षाकर्मियों को पदोन्नति पंचायत विभाग देता है, लेकिन रिक्त पदों की जानकारी स्कूल शिक्षा विभाग को देनी होती है। इस जानकारी के अभाव में पिछले दिनों पंचायत विभाग के संचालक तारणप्रकाश सिन्हा ने एक आदेश जारी कर शिक्षाकर्मियों की पदोन्नति पर रोक लगा दी है।

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'पत्रिका' ने 31 मार्च को इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित की है। इसके बाद डीपीआइ के अधिकारी हरकत में आए और 10 अप्रैल तक डीइओ से रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। माना जा रहा है कि चुनावी साल में सरकार शिक्षाकर्मियों को पदोन्नति की सौगात देकर खुश कर सकती है।

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इसे देखते हुए अधिकारियों ने भी अपने स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। मालूम हो कि पदोन्नति पर रोक लगाने से करीब 20 हजार शिक्षाकर्मियों को सीधे तौर पर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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एक बार पदोन्नति मिलने से शिक्षाकर्मियों के वेतन में 12 से 15 हजार रुपए तक की वृद्धि होगी। शिक्षाकर्मियों का आरोप है कि फंड की कमी से सरकार समय पर उनकी पदोन्नति भी नहीं कर रही है। इसे लेकर शिक्षाकर्मी संघों ने सरकार के प्रति गहरी नाराजगी भी जताई थी। शिक्षाकर्मियों की संविलियन सहित 8 सूत्रीय मांग में पदोन्नति की मांग भी प्रमुखता से शामिल हैं।