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संविलियन को लेकर हाईपावर कमेटी की बैठक में नहीं बनी बात, गुस्साए शिक्षाकर्मियों ने फिर लिया ये बड़ा फैसला

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित हाई पावर कमेटी की शुक्रवार को शिक्षाकर्मी संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक बेनतीजा खत्म हो गई।

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रायपुर . छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित हाई पावर कमेटी की शुक्रवार को शिक्षाकर्मी संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक बेनतीजा खत्म हो गई। बैठक में 14 में से केवल 6 प्रांताध्यक्ष को बोलने का मौका मिला। शासन के इस रवैए से नाराज शिक्षाकर्मी संघ के पदाधिकारियों ने तत्काल आपात बैठक बुलाई और 3 अप्रैल से शुरू हो रहे बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन कार्य के बहिष्कार का फैसला लिया। हालांकि मुख्य सचिव अजय सिंह ने फिर से बैठक बुलाने का आश्वासन दिया है।

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दरअसल, संविलियन व अन्य मांगों पर आने वाले प्रशासनिक पेंच को देखते हुए हाई पावर कमेटी ने आज चर्चा के लिए शिक्षाकर्मी संघों के शीर्ष पदाधिकारियों को बुलाया था। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई कमेटी की बैठक में शिक्षाकर्मियों के साथ कोई बात नहीं बनी।इसके बाद मुख्य सचिव बैठक से चले गए।

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मोर्चा के शीर्ष पदाधिकारी संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे और केदार जैन को बोलने का अवसर भी नहीं मिला। बैठक में 14 में से केवल 6 प्रांताध्यक्ष को बोलने का मौका मिला। शासन के इस रवैए से मोर्चा के पदाधिकारियों ने काफी नाराजगी जताई और तत्काल आपात बैठक बुलाई और फैसला लिया कि 26 मार्च को कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद 3 अप्रैल से शुरू हो रहे बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करने का फैसला लिया।

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इससे पहले छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षाकर्मियों के लिए गठित हाई पावर कमेटी का कार्यकाल 1 माह के लिए बढ़ा दिया है। मुख्य सचिव अजय सिंह की अध्यक्षता में गठित हाई पावर कमेटी गठित की गई थी। कमेटी को शिक्षाकर्मियों की मांगों को लेकर 3 माह में अपनी रिपोर्ट देनी थी।

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लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी कमेटी ने अब तक अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी। बतादें कि बीते 9 मार्च को मंत्रालय में हुई हाई पॉवर कमेटी की बैठक में संविलियन सहित शिक्षाकर्मियों की नौ सूत्रीय मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई थी। बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से संविलियन के कई प्रस्ताव कमेटी के सामने रखे गए थे। लेकिन बैठक में कमेटी संविलियन को लेकर किसी भी नतीजे तक नहीं पहुंच पाई।