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शिक्षाकर्मी संघ ने सरकार को सौंपे 157 पेज के दस्तावेज, बताया – इसलिए है संविलियन जरूरी

शिक्षाकर्मियों के संविलियन सहित 9 सूत्रीय मांग को लेकर छत्तीसगढ़ शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा ने सरकार को 157 पेज तथ्यात्मक दस्तावेज सौंपे हैं।
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cg shikshakarmi

रायपुर . शिक्षाकर्मियों के संविलियन सहित 9 सूत्रीय मांग को लेकर छत्तीसगढ़ शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा ने सरकार को 157 पेज तथ्यात्मक दस्तावेज सौंपे हैं। इसमें संविलियन करने के कारण को भी गिनाया गया है। इन दस्तावेजों के आधार पर ही मुख्य सचिव अजय सिंह की अध्यक्षता में गठित हाईपॉवर कमेटी अपना फैसला लेगी। हाईपॉवर कमेटी के फैसले के मुताबिक मोर्चा ने पंचायत विभाग के संचालक तारण प्रकाश सिन्हा से मुलाकात कर अपने दस्तावेज सौंपे हैं।

मोर्चा के प्रांतीय संचालक संजय शर्मा, वीरेन्द्र दुबे, केदार जैन, विकास राजपूत और चंद्रदेव राय ने संयुक्त रूप से पंचायत संचालक से मुलाकात कर शिक्षाकर्मियों की समस्याओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। साथ ही इस बात की भी जानकारी दी है कि संविलियन की घोषणा नहीं होने से शिक्षाकर्मियों में नाराजगी है।

उन्होंने मांग की है कि समय रहते उनकी मांगों के संबंध में सरकार फैसला लें। गौरतलब है कि शिक्षाकर्मियों की हड़ताल के बाद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निर्देश पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाईपॉवर कमेटी गठित की गई है। कमेटी को तीन माह में अपनी रिपोर्ट सरकार को देनी है। रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे फैसला लेगी। कमेटी का कार्यकाल ५ मार्च को समाप्त हो रहा है।

सीएम से मिलने के लिए मांग समय
शिक्षाकर्मी नेता को माओवादी धमकी मिलने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। इस संबंध में मोर्चा के संयोजक वीरेन्द्र दुबे ने सोमवार को गृहमंत्री से मुलाकात कर धमकी भरा पत्र सौंपने के बाद मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए समय मांगा है। दुबे ने कहा, मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाएगा।

शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा ने पंचायत संचालक से मिलकर रखी अपनी बात
- समान कार्य समान वेतनम के आधार पर 8 साल का बंधन समाप्त करते हुए प्रथम नियुक्ति तिथि से संविलियन, शासकीयकरण व सेना हस्तारंण करते हुए क्रमोन्नति वेतनमान पर सातवां वेतनमान दिया जाए।
- सभी शिक्षाकर्मियों को दो स्तरीय क्रमोन्नति समयमान वेतनमान दिया जाए।
- सहायक शिक्षक वर्ग को व्याख्याता शिक्षक के अंतर के अनुपात में समानुपातिक वेतनमान दिया जाए।
- अप्रशिक्षित शिक्षाकर्मियों को प्रशिक्षण की व्यवस्था हो और वेतनमान कटौती न की जाए।
- मंत्रिपरिषद के निर्णय का पालन करते हुए शिक्षाकर्मियों के वरिष्ठता के आधार पर प्राचार्य और प्रधानपाठक के पद पर
पदोन्नति दी जाए।
- उर्दू के शिक्षाकर्मियों के लिए पदोन्नति का प्रावधन कर पद स्वीकृत किए जाए।
- समग्र वेतन में सीपीएफ कटौती व 2004 के पूर्व नियुक्ति शिक्षाकर्मियों की जीपीएफ कटौती हो।
- खुली स्थानांतरण नीति बनाए जाए।
- टेट व डीएड के बिना अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान कर न्यूनतम योग्यता के अभाव में चतुर्थ वर्ग पर भी अनुकम्पा नियुक्ति करें।