रायपुर

Railway TTE Vacancy: रायपुर-बिलासपुर मंडल में टीटीई की कमी, रेलवे बोर्ड ने शुरू की नई भर्ती की तैयारी

Indian Railway News: टीटीई की कमी को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने सभी जोनों से स्टाफ की रिपोर्ट मांगी है। नई भर्ती और टिकट जांच व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है।
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Aug 03, 2026
Railway TTE Vacancy
रायपुर, बिलासपुर और नागपुर मंडल में टीटीई की कमी (Photo AI image)

Indian Railway News: रेलवे बोर्ड ने जोन से टीटीई स्टॉफ का पूरा ब्योरा मांगा है। इस रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में रिक्त पदों और जरूरत के अनुसार टीटीई की भर्ती की जाएगी। जानकारी के अनुसार रायपुर, बिलासपुर और नागपुर तीनों मंडलों से इसकी जानकारी ली गई है। दरअसल भारतीय रेलवे में टिकट जांच व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जानकारी मंगाई गई है। क्योंकि रायपुर मंडल के अलावा जोन में ट्रेनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं, त्योहारों और गर्मी के मौसम में दर्जनों की संख्या में स्पेशल ट्रेन चलाई जाती हैं। जिससे टीटीई की संख्या कम होने के कारण नियमित जांच भी नहीं हो पाती।

इस प्रारूम में मांगी रिपोर्ट

जानकारी के अनुसार रेलवे बोर्ड ने सभी जोनों को निर्देश दिया है कि वर्तमान में कार्यरत टीटीई, स्वीकृत पद, रिक्तियां व 1 अगस्त 2026 और 1 अगस्त 2027 तक की अनुमानित आवश्यकता का आकलन निर्धारित प्रारूप में भेजा जाए। रिपोर्ट में नई ट्रेनों, परिचालन विस्तार और निर्धारित मैनिंग मानकों को भी शामिल किया जाएगा। सभी जोनों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर रेलवे बोर्ड देशभर की समेकित मैनपावर योजना तैयार करेगा।

टिकट चेकिंग अभियान से पकड़ रहे यात्री

बीच-बीच में रेलवे द्वारा टिकट चेकिंग अभियान चलाकार बिना टिकट और अनियमित टिकट के यात्रियों पर कार्रवाई की जा रही है। टीटीई की संख्या कम होने के कारण इस अभियान को बीच-बीच में चलाया जाता है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस समीक्षा के आधार पर भविष्य में रिक्त पदों पर भर्ती और मैनपावर पुनर्गठन का रास्ता खुल सकता है, जिससे टिकट जांच व्यवस्था और यात्री सुविधाओं में सुधार आने की उम्मीद है।

मंडल में करीब 250 टीटीई, वो भी कम

रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार रायपुर मंडल में वर्तमान में 250 टीटीई हैं। वहीं मंडल से करीब 140 से अधिक ट्रेनें संचालित हो रही हैं। त्योहार के समय ट्रेनों की संख्या और फेरे भी बढ़ जाते हैं। यात्रियों की संख्या एक लाख पार हो जाती है, इसके अनुसार टीटीई की संख्या कम मानी जा रही है।

नियमित टिकट जांच अभियान पर पड़ता है असर

टीटीई की कमी का सीधा असर टिकट जांच व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। रेलवे समय-समय पर विशेष टिकट चेकिंग अभियान चलाकर बिना टिकट और अनियमित टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई करता है। हालांकि सीमित स्टाफ के कारण ऐसे अभियान नियमित रूप से नहीं चलाए जा पाते। यदि पर्याप्त टीटीई उपलब्ध हों तो ट्रेनों में लगातार टिकट जांच संभव होगी और रेलवे के राजस्व में भी बढ़ोतरी हो सकती है।

Updated on:
03 Aug 2026 04:53 pm
Published on:
03 Aug 2026 04:52 pm