
सुमित यादव @ रिपोर्टर रायपुर . तेज धूप से बचने के लिए लोग कई तरह की जतन कर रहे हैं, लेकिन जरा सोचिए जानवर इस गर्मी में कैसे अपने आप को सेफ रखते होंगे। वे तो अपनी फीलिंग को भी किसी से बयां नहीं कर पाते।
अगर हम बात करें बड़े जानवर शेर (चेंदरू) और शेरनी के लिए सुबह अंडा व दूध और दोपहर में ९ किलो मीट दिया जाता है। इसी के साथ भालू (गोलू) के लिए स्पेशल खीर और फ्रूट्स में कई वैराइटीज दी जा रही है। संडे को उपवास करते हैं।
बनाया गया वाटर टैंक और झोपड़ी
समर में जानवरों के लिए पानी टैंक और छावनी के लिए झोपड़ी बनाई गई है। जिससे वाइल्ड एनिमल धूप से बचने के लिए पेड़ का सहारा लें, साथ ही झोपड़ी में बैठकर ठंडक का एहसास भी कर सकें। साथ ही टाइगर और लायन के लिए दो तालाब की व्यवस्था की गई है। जिससे वह गर्मी से बचने के लिए तालाब में बैठकर कूल फील कर सकें।
समर अकॉर्डिंग डाइट चार्ट
वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार वर्मा ने बताया, बड़े एनिमल को १०-१२ केजी मीट दिया जाता है। लेकिन इन इन दिनों गर्मी काफी बढ़ गई जिसके लिए एनिमल के डाइट चार्ट में थोड़ा परिवर्तन किया गया है। लायन और टाइगर को ९ किलो मीट और लायन के छोटे बच्चों को ३ से ४ किलो दिया जा रहा है। टाइगर के बच्चे पहले की अपेक्षा बड़े हो गए हंै इसलिए उन्हें ५ से ६ केजी मीट दिया जाता है। गर्मी बढऩे की वजह से पाचन क्रिया में दिक्कत ना हो इसलिए उन्हें विटामिन ए, डी, इ का लिक्वेड मीट में मिलाकर दिया जाता है। जिससे वह पूरी तरह से डाइजेशन ठीक रहे। संडे को इनका उपवास रहता है।
भालू और हिरण
इन दिनों भालू को शहद मिला स्पेशल खीर, लौकी, पपाया, तरबूज आदि फ्रूट्स दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही हिरण, चीतल और नीलगाय को चोकर, चना के साथ ही इन दिनों इनको ग्रीनरी सबसे अधिक दिया जा रहा है।